शीतकालीन सत्र में कुल 8 बैठकें होंगी, जिसमें डिप्टी स्पीकर का चुनाव और 744 सवालों पर तीखी चर्चा होने की उम्मीद
एएम नाथ। धर्मशाला : पहाड़ों की रानी शिमला से अब सरकार का ठिकाना अगले 10 दिनों के लिए धर्मशाला शिफ्ट हो गया है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बहुप्रतीक्षित शीतकालीन सत्र कल यानी 26 नवंबर बुधवार से धर्मशाला के तपोवन में शुरू होने जा रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू समेत पूरा सरकारी अमला आज ही रवाना हो गया है। प्रशासनिक अधिकारी तो सोमवार को ही वहां डेरा डाल चुके थे। यह सत्र 5 दिसंबर तक चलेगा जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है। इस हिमाचल असेंबली विंटर सेशन को लेकर दोनों ही दलों ने अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने जानकारी दी है कि यह अब तक का सबसे बड़ा शीतकालीन सत्र होगा। इसमें कुल आठ बैठकें आयोजित की जाएंगी। इस बार सत्र की खास बात यह होगी कि इसमें विधानसभा उपाध्यक्ष यानी डिप्टी स्पीकर (Deputy Speaker of the Legislative Assembly) का चुनाव भी किया जाएगा, जो काफी समय से लंबित था। इसके अलावा, विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों के मुद्दों को लेकर कुल 744 सवाल लगाए हैं, जिन पर सदन में चर्चा होगी।
विपक्ष के तेवरों को देखते हुए लगता है कि सरकार की राह आसान नहीं होगी। विपक्षी दल भाजपा ने सुक्खू सरकार को घेरने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। विपक्ष खास तौर पर चुनावी गारंटियों, बिगड़ती कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और नशा तस्करी जैसे मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश करेगा। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों की खस्ता हालत और कर्मचारियों व पेंशनभोगियों की मांगों को लेकर भी सदन में हंगामा होने के आसार हैं। यह ओप्पोसिशन स्ट्रेटेजी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।
दूसरी ओर, सुक्खू सरकार भी विपक्ष के हर हमले का जवाब देने के लिए तैयार है। सरकार सदन में अपने तीन साल के कार्यकाल की उपलब्धियों को रखेगी। गौरतलब है कि 11 दिसंबर को सरकार मंडी में अपने तीन साल पूरे होने का जश्न मनाने जा रही है, इसलिए यह सत्र उनके लिए अपनी पीठ थपथपाने का एक अच्छा मंच भी होगा। सत्र के दौरान शिमला सचिवालय में सन्नाटा रहेगा और सारी हलचल धर्मशाला में देखने को मिलेगी।
