पतलीकूहल में जेपी नड्डा की सभा में उमड़ी भीड़, 2027 में भाजपा सरकार बनाने का दावा; पंचायत चुनावों के नतीजों को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना
एएम नाथ। मनाली। हिमाचल प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज होने लगी है। कुल्लू जिले के पतलीकूहल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की सभा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को ईवीएम के साथ-साथ बैलेट पेपर से हुए चुनावों में भी हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अभी से जुटने का आह्वान किया।
‘पंचायत चुनावों के नतीजों ने डर को सही साबित किया’
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पंचायत चुनाव करवाने के पक्ष में नहीं थे और प्राकृतिक आपदा को चुनाव टालने का आधार बनाया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पंचायत चुनाव करवाने की मांग उठाई, लेकिन सरकार से सहमति नहीं बनी। इसके बाद पार्टी को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा, जिसके बाद चुनाव करवाए गए।
जयराम ठाकुर ने पंचायत चुनावों के परिणामों का जिक्र करते हुए दावा किया कि 12 जिलों में से 11 में जिला परिषद अध्यक्ष पदों पर भाजपा ने जीत हासिल की। उन्होंने इसे कांग्रेस सरकार की चिंता का कारण बताते हुए कहा कि चुनाव परिणामों ने मुख्यमंत्री के डर को सही साबित किया। उन्होंने नगर निगम चुनावों में भी भाजपा के प्रदर्शन का उल्लेख किया।
‘2027 में भाजपा की सरकार बनेगी’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को अभी से आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। उन्होंने 2027 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने का दावा किया और कहा कि सत्ता में लौटने पर रुके हुए विकास कार्यों को गति दी जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में हिमाचल प्रदेश विकास के मामले में पीछे गया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा प्रदेश के विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
नड्डा के कार्यकाल का किया उल्लेख
सभा में जयराम ठाकुर ने जगत प्रकाश नड्डा के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में सात वर्ष के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए इसे प्रदेश के लिए गर्व की बात बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने नड्डा का स्वागत किया।
जयराम ठाकुर के बयान कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को दर्शाते हैं। पंचायत चुनावों के परिणामों और सरकार की भूमिका को लेकर उनके दावों को संबंधित आधिकारिक चुनावी आंकड़ों के आधार पर अलग से सत्यापित किया जाना चाहिए।
