किसानों का सात दिन से चल रहा आंदोलन समाप्त, सरकार ने मानी प्रमुख मांगें; एक महीने में बुलाया जाएगा विधानसभा का विशेष सत्र

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चंडीगढ़, 7 सितंबर। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) से जुड़े विभिन्न किसान संगठनों का पंजाब सरकार के खिलाफ पिछले सात दिनों से चल रहा धरना सोमवार को समाप्त हो गया। चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर चल रहे आंदोलन को सरकार के साथ कई प्रमुख मांगों पर सहमति बनने और लिखित आश्वासन मिलने के बाद खत्म किया गया।

किसान नेताओं के अनुसार पंजाब सरकार ने राज्य के नदी जल, कृषि और किसानों से जुड़े मुद्दों पर एक महीने के भीतर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने पर सहमति जताई है। इस विशेष सत्र में मौजूदा जल समझौतों पर पुनर्विचार तथा नदी जल के बंटवारे से संबंधित पंजाब पुनर्गठन अधिनियम के प्रावधानों के विरोध में प्रस्ताव लाने का मुद्दा उठाया जाएगा।

इसके अलावा किसान संगठनों की मांग पर बांध सुरक्षा अधिनियम और बीज विधेयक-2025 के विरोध में भी विधानसभा में प्रस्ताव लाने का आश्वासन सरकार की ओर से दिया गया है।

कृषि मंत्री के साथ बैठक में बनी सहमति

किसान नेताओं और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के बीच हुई बैठक में मांगों को लेकर व्यापक सहमति बनी। बैठक में बलबीर सिंह राजेवाल, बूटा सिंह बुर्जगिल, हरिंदर सिंह लक्खोवाल, प्रेम सिंह भंगू और रमींदर पटियाला सहित विभिन्न किसान संगठनों के नेता मौजूद रहे।

हालांकि, धरना समाप्त करने की घोषणा से पहले किसान नेता सरकार से लिखित आश्वासन मिलने का इंतजार करते रहे। जगतपुरा गांव के पास चल रहे धरने में सरकार की ओर से लिखित भरोसा मिलने के बाद किसान संगठनों ने आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया।

किसानों के कर्ज के एकमुश्त निपटारे पर भी सहमति

सरकार ने किसानों के बकाया कर्ज के एकमुश्त निपटारे की योजना तैयार करने पर भी सहमति जताई है। इसके लिए सहकारी बैंकों और अन्य संबंधित पक्षों के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक समिति गठित की जाएगी।

यह समिति किसानों के बकाया ऋण के निपटारे का तरीका और प्रक्रिया तय करेगी। रिपोर्ट तैयार करने से पहले विधानसभा में प्रतिनिधित्व रखने वाले राजनीतिक दलों से भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

गन्ने के बकाया भुगतान का मुद्दा भी सुलझाने का आश्वासन

किसान संगठनों के अनुसार सरकार ने निजी चीनी मिलों पर किसानों के बकाया गन्ना भुगतान को निर्धारित समय में जारी करवाने का आश्वासन दिया है।

वहीं, सहकारी चीनी मिलों में भुगतान व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए ‘एक खिड़की, एक भुगतान’ प्रणाली लागू करने पर भी सहमति बनी है। किसान नेताओं ने इसे आंदोलन की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल बताया।

अब सरकार के फैसलों के क्रियान्वयन पर नजर

सात दिन तक चले आंदोलन के समाप्त होने के बाद अब किसान संगठनों की नजर सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों के क्रियान्वयन पर रहेगी। विशेष रूप से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने, कर्ज निपटारा समिति गठित करने और गन्ने के बकाया भुगतान को लेकर सरकार की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि सरकार के आश्वासनों को लागू किए जाने की प्रक्रिया पर किसान संगठन लगातार नजर रखेंगे।

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