किसानों ने ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सवार होकर शंभू बॉर्डर की ओर किया कूच : शंभू बॉर्डर पर किसानों का ​जमावड़ा बढ़ना शुरू, 4 जून को नई सरकार बनने से पहले किसानों ने फिर आंदोलन की भरी हुंकार

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शंभू बॉर्डर :  पंजाब में लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद 2 जून को किसान आंदोलन के 110 दिनों बाद किसान अपना विरोध प्रदर्शन फिर से जिंदा कर दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने किसानों से शंभू बॉर्डर में प्रदर्शन फिर शुरू करने की अपील की थी।

इस पर आज भारी संख्या में पंजाब भर से किसानों ने ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सवार होकर शंभू बॉर्डर की ओर कूच किया। शाम तक शंभू बॉर्डर पर किसानों का ​जमावड़ा बढ़ना शुरू हो गया। देश में 4 जून को नई सरकार बनने से पहले किसानों ने फिर आंदोलन की हुंकार भरी है। अब नई रणनीति के साथ किसान सरकार से टकराने के मूड में हैं। लोकसभा चुनाव में भी पंजाब में किसानों ने लगातार भाजपा उम्मीदवारों का विरोध किया था। विरोध इतना कड़ा था कि भाजपा उम्मीदवारों का प्रचार करना तक मु​श्किल हो गया था। 4 जून को आने वाले चुनावी परिणाम में पता चलेगा कि किसानों का​ विरोध पंजाब में भाजपा को कितना नुकसान पहुंचाएगा। पटियाला सहित कई सीटों पर किसानों का सीधा प्रभाव है।

अब तक एक भी मांग नहीं हुई पूरी
किसान हरियाणा पुलिस द्वारा पकड़े गए तीन किसानों की रिहाई, 23 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, किसानों का कर्ज माफ करने और युवा किसान शुभकरण सिंह के आरोपियों को कड़ी सजा, लखीमपुर खीरी के दोषियों को सजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। लंबे समय तक आंदोलन करने के बावजूद इनमें से उनकी एक भी मांग पूरी नहीं हुई है। 13 फरवरी 2024 को शुरू हुए प्रदर्शन के दौरान 22 किसानों की मौत हो चुकी है। इनमें 2 महिलाएं और 21 साल का शुभकरण सिंह भी शामिल था।

कई किसान नेताओं ने नहीं किया मतदान
कई किसान नेता मतदान करने भी नहीं गए। जगजीत सिंह डल्लेवाल ने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया। डल्लेवाल शंभू में जारी धरने पर ही बैठे रहे, लेकिन उनके परिवार ने मतदान में हिस्सा जरूर लिया। भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर के नेता जसमेर सिंह ने कहा कि लगभग सभी ने मतदान किया है। हालांकि कुछ किसान जो इस बार अपनी वोट का इस्तेमाल नहीं करना चाहते थे, धरने पर ही बैठे रहे। शंभू बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि इतना समय हो चुका है उन्हें अपने वोट का इस्तेमाल करते हुए सभी सरकारों ने हमारे साथ धोखा किया है। 70 वर्षों में किसानों के लिए कोई काम नहीं किया गया। ऐसे में हम वोट का इस्तेमाल क्यों करें, हम जीतकर ही अपने घर को जाएंगे।

पंधेर ने वीडियो जारी कर किया था कूच का ऐलान  :  हाल ही में किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने वीडियो मैसेज जारी कर इसका ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि किसान 2 जून से फिर शंभू बॉर्डर की ओर कूच करेंगे। किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ आंदोलन स्थल की ओर रवाना होंगे। उन्होंने वीडियो में पंजाब की जनता से इस चुनाव में नफरत की दुकान को बंद करवाने की अपील भी की थी। वीडियो संदेश में पंढेर ने भाजपा और आरएसएस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन्होंने चुनाव जीतने के लिए देश के हिंदुओं और सिखों को बांटने का काम किया। इन्होंने ऊंची जातियों और दलितों को बांट दिया। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि भाजपा के नेताओं ने किसान नेताओं को धमकियां दी हैं कि चुनाव के बाद उन्हें डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया जाएगा।

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