कौन हैं पायल अरोड़ा…जिन्हें माना जा रहा अहमदाबाद में एयर इंडिया हादसे का जिम्मेदार

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अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए एयर इंडिया विमान हादसे की जांच के दौरान भारत के नागरिक उड्डयन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) टाटा ग्रुप की एयरलाइंस के तीन अधिकारियों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

इन तीन अधिकारियों में से एक अधिकारी पायल अरोड़ा के नाम की चर्चा जोरों पर हो रही है. डीजीसीए ने सुरक्षा चूक मामले में इन तीनों अधिकारियों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है. डीजीसीए के इस आदेश के बाद पायल अरोड़ा को दो अन्य अधिकारियों के साथ अहमदाबाद विमान हादसे का जिम्मेदार माना जा रहा है. आखिर ये पायल अरोड़ा कौन हैं, जिन्हें अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान हादसे का जिम्मेदार माना जा रहा है।

डीजीसीए ने एआरएमएस से चूक का लगाया पता

अंग्रेजी के अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, डीजीसीए ने अपने आदेश में कहा है कि एयर इंडिया ने लाइसेंसिंग, आराम और ताजा जरूरतों में चूक के बावजूद फ्लाइट क्रू मेंबर के शेड्यूल और संचालन के संबंध में बार-बार गंभीर चूक का स्वेच्छा से खुलासा किया है. डीजीसीए के आदेश में कहा गया है कि इन उल्लंघनों का पता एआरएमएस से सीएई फ्लाइट और क्रू मैनेजमेंट सिस्टम में परिवर्तन के बाद की समीक्षा के दौरान चला।

क्या है एआरएमएस

एआरएमएस यानी एयर रूट मैनेजमेंट सिस्टम एक ऐसा सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म है, जिसका इस्तेमाल एयरलाइन की ओर से विभिन्न परिचालन और प्रबंधन कार्यों के लिए किया जाता है, जिसमें क्रू मेंबर की रोस्टरिंग और फ्लाइट प्लान आदि शामिल हैं।

हादसे के लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार

डीजीसीए ने अपने आदेश में अहमदाबाद विमान हादसे के लिए एयर इंडिया के तीन अधिकारियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना है. इन अधिकारियों में डिवीजनल वाइस प्रेसिडेंट चूरा सिंह, ऑपरेशन डाइरेक्टोरेट के चीफ मैनेजर पिंकी मित्तल और क्रू शेड्यूलिंग और प्लानिंग प्रमुख पायल अरोड़ा का नाम शामिल है।

हादसे के लिए पायल अरोड़ा जिम्मेदार क्यों?

डीजीसीए ने अपने आदेश में कहा है कि एयर इंडिया की ओर से दी गई जानकारी भले ही स्वेच्छा से दी गई हो, लेकिन इससे यह साफ होता है कि क्रू मेंबर की ड्यूटी तय करने, नियमों का पालन कराने और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया में गंभीर खामियां हैं. डीजीसीए के मुताबिक, इन अधिकारियों ने बार-बार चालक दल की गलत जोड़ी बनाया, जरूरी लाइसेंस और ट्रेनिंग नियमों को नजरअंदाज करना और शेड्यूलिंग और निरीक्षण में लापरवाही जैसे गंभीर उल्लंघन किए हैं।

डीजीसी के आदेश में इन सबको गंभीर और बार-बार दोहराई गई गलतियां माना गया है. अब चूंकि, पायल अरोड़ा के पास क्रू शेड्यूलिंग और प्लानिंग की जिम्मेदारी है. इसलिए, क्रू मेंबर की ड्यूटी तय करने से लेकर शेड्यूलिंग तक की जिम्मेदारी उन्हीं के पास थी. इसी आधार पर डीजीसीए ने उनके खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है।

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