गुल्लरवाला में श्रीमद्भागवत कथा चौथा दिन : कथावाचक ऋषि गौतम द्वारा महाभारत से जुड़े सुनाए अनेक प्रसंग

by

बद्दी, 11 जून (तारा) :  बद्दी साई रोड पर गुल्लरवाला के ऐतिहासिक दुर्गा माता मंदिर परिसर में समस्त ग्रामवासियों द्वारा 8 जून से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के चौथे दिन क्षेत्र के प्रसिद्ध कथावाचक ऋषि गौतम द्वारा अपने मुखारविंद से प्रवचनों की वर्षा की जा रही है। वीरवार को कथावाचक ने महाभारत से जुड़े अनेक प्रसंगों को बहुत ही सरल भाषा मे विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि महाभारत में भीष्म पितामह द्वारा अपने प्राण त्यागकर परम धाम (वैकुंठ) प्राप्त हुए। उन्हें अपने पिता राजा शांतनु से स्वेच्छा से मृत्यु का वरदान ( इच्छामृत्यु) प्राप्त था, जिसके कारण वे बाणों की शय्या पर सूर्य के उत्तरायण होने तक 58 दिनों तक जीवित रहे।

इसके पश्चात राजा परीक्षित की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि यह कथा मुक्ति का आधार है। मुनिराज शुकदेव जी महाराज के मुखारविंद से गंगा के तट पर कही गई इस कथा में विभिन्न लोकों, नर्क और सृष्टि की उत्पत्ति का विस्तृत और दिव्य वर्णन आता है। राजा परीक्षित का गंगा के किनारे जानाऋषि शृंगी के श्राप से जब राजा परीक्षित को ज्ञात हुआ कि सातवें दिन तक्षक नाग के डसने से उनकी मृत्यु हो जाएगी, तो उन्होंने सांसारिक मोह-माया को त्याग दिया। वे राजपाट अपने पुत्र जन्मेजय को सौंपकर पवित्र गंगा के तट पर जाकर बैठ गए। वहां सभी ऋषि-मुनियों और देवताओं की उपस्थिति में परमहंस श्री शुकदेव जी महाराज का आगमन हुआ।
उन्होंने बताया कि
महाभारत युद्ध के पश्चात, अश्वत्थामा ने पांडवों के वंश को समाप्त करने के लिए उत्तरा के गर्भ में पल रहे परीक्षित पर ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया था। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपने सुदर्शन चक्र से उस अस्त्र के तेज को शांत कर, स्वयं सूक्ष्म रूप में गर्भ में प्रवेश कर बालक परीक्षित की रक्षा की।

उन्होंने आगे बताया कि कौरवों की हार और अपने पिता द्रोणाचार्य की मृत्यु से क्रोधित होकर अश्वत्थामा ने पांडवों के अंतिम वंशज को मारने के लिए यह शक्तिशाली अस्त्र छोड़ा था। उत्तरा की प्रार्थना पर, श्रीकृष्ण ने आश्वासन दिया था कि वे उनके अजन्मे बच्चे की रक्षा अवश्य करेंगे और उन्होंने स्वयं गर्भ में प्रवेश कर ब्रह्मास्त्र की अग्नि को बेअसर कर दिया।

गर्भ में भगवान के साक्षात् दर्शन और निरंतर उनके स्वरूप का स्मरण करने के कारण ही इस बालक का नाम ‘परीक्षित’ रखा गया।
इस अवसर पर गुरचरण, गोला पंच, गुल्लरवाला पंचायत के उप प्रधान ज्ञान चंद, पूर्व उप प्रधान पम्मी राम, सीता राम, प्रकाश, गुरनाम, मेला राम, रोशन लाल, भंगी राम, डॉ भाग सिंह चौधरी, रामलोक, परमजीत सिंह, मघर सिंह,पाली प्रधान, गुरमेल सिंह, मास्टर तारा चंद, सुरिंदर सिंह, गिरधारी लाल कश्यप, भाग सिंह, दिला राम, बहादुर सिंह, डॉ राम आसरा, ज्ञान सिंह, पंच सोमा देवी, सोचा देवी, तारा रानी, बगो देवी, मनजीत कौर, सन्नी देवी, गुरमीत कौर आदि दर्जनों गणमान्य ग्रामीण मौजूद रहे।
भागवत कथा के पश्चात हर रोज भंडारे का आयोजन होता है। वीरवार को समाजसेवी गुरमैल चौधरी द्वारा भंडारे हेतु सेवा दी गई।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

सीमेंट विवाद पर अडाणी ग्रुप किसी भी तरह से समझौते को तैयार नहीं : सरकार की ओर से पूरे मामले में मध्यस्थता की भूमिका भी किसी काम नहीं आई

शिमला : दो महीने से चल रहा सीमेंट विवाद पर अडाणी ग्रुप किसी भी तरह से समझौते को तैयार नहीं है। इससे यह संवेदनशील मामला प्रदेश में संकट के रूप में खड़ा हो गया...
article-image
पंजाब , समाचार , हिमाचल प्रदेश

सरदार पटेल विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह : 333 विद्यार्थियों को डिग्री और 12 स्वर्ण पदक विजेताओं सहित 36 मेधावी विद्यार्थियों को पदक प्रदान

, विद्यार्थियों को राष्ट्र विकास में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया एएम नाथ।  मंडी :  राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज सरदार पटेल विश्वविद्यालय (एसपीयू) मंडी के पहले दीक्षांत समारोह में 333 विद्यार्थियों...
article-image
हिमाचल प्रदेश

नव आदर्श स्कूल ने खेलकूद प्रतियोगिता में विजेता छात्रों को किया सम्मानित

बीबीएन, 4 फरवरी (तारा) : गत दिवस दशहरा मैदान बद्दी में रोटरी क्लब द्वारा कब्बड्डी की अंडर नाइनटीन खेलकूद प्रतियोगिताआयोजित की गई थी। नव आदर्श पब्लिक कड़ुआना बद्दी की निदेशक ममता सैनी ने बताया...
article-image
हिमाचल प्रदेश

ABVP का 46वां प्रांतीय अधिवेशन सम्पन्न : अधिवेशन में प्रदेश के वर्तमान शैक्षणिक परिदृश्य पर गंभीर चिंता की प्रकट

एएम नाथ । धर्मशाला, 02 नवंबर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश का 46वां प्रांतीय अधिवेशन वीर भूमि कांगड़ा जिला की गुप्त गंगा के पावन परिसर में सम्पन्न हुआ। प्रदेश अधिवेशन में हिमाचल प्रदेश...
Translate »
error: Content is protected !!