घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में प्रदेश की पहली क्लस्टर सतरीय पारितोषिक समारोह का सफल आयोजन : विद्यालय के अकादमी, खेल, योग, एनएसएस, एससीसी, इको क्लब ,सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया।

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बिलासपुर 12 जनवरी :  घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छात्रा स्कूल में क्लस्टर सतरीय प्रदेश की पहली वार्षिक पारितोषिक  समारोह का सफल आयोजन प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग द्वारा किया गया।
उन्होंने कहा की बच्चों के सर्वांगीण विकास तथा गुणात्मक शिक्षा के लिए वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छात्रा घुमारवीं के साथ लगते 7 स्कूलों का कलस्टर में बनाया गया जिनमें वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छात्र घुमारवीं,वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छात्रा घुमारवीं ,राजकीय उच्च विद्यालय चुवाडी, टकरेड़ा , बाड़ी मझेड़वा, राजकीय माध्यमिक पाठशाला कलरी बरोटा शामिल हैं इन सभी स्कूलों के बच्चो ने आज कार्यक्रम में भाग लिया। विद्यालय के अकादमी, खेल, योग, एनएसएस, एससीसी, इको क्लब ,सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया।
उन्होंने कहा कलस्टर बनाने का उद्देश्य ग्रामीण बच्चों की प्रतीभा में निखारना है। उन्होंने बच्चों को बच्चों में छोटी आयु में सीखने की उत्सुकता बहुत अधिक होती है जिसे निखारने की अध्यापको को आवश्यकता है। उन्होंने कहा इस प्रकार के बड़े आयोजनों से बच्चों को एक्सपोजर मिलता है तथा बच्चों को एक दूसरे इंटरक्शन करने का मौका मिलता है । उन्होंने अध्यापको को क्लस्टर में शामिल स्कूलों में माह में एक दिन जाने का आग्रह किया ताकि बच्चो में अलग-अलग अध्यापकों से सीखने का मौका मिल सके। इस तरह से जिन स्कूलों में अध्यापकों की कमी हो उन स्कूलों में भी बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को भी जिन स्कूलों में आईसीटी लैब की सुविधा है उन स्कूलों में भेजा जाएगा ताकि उन्हें भी कुछ अलग एक्स्पोज़र मिल सके। उन्होंने कहा की प्रदेश के 52 प्रतिशत बच्चे सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करते है । सरकारी स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए कुछ अलग करने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी क्लस्टर स्तर पर शिक्षा दे रहे शिक्षकों से सरकारी स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए अलग से प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि क्लस्टर स्तर पर इस तरह के आयोजन के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ लगातार बैठक की गई है। इस कार्यक्रम से क्या आयोजन से शिक्षा के क्षेत्र में एक नया मॉडल तैयार किया जा रहा है जिसमें स्कूलों को कलस्टर स्तर पर प्रमोट किया जाएगा। और अलग-अलग स्कूलों में अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में और अधिक कंपटीशन की भावना पैदा होगी और बच्चों को नए-नए चीज भी सीखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में छात्राओं की बैंड की टुकड़ी को देखकर अन्य सभी स्कूलों की छात्राएं भी प्रेरित हुई है।
राज्य सरकार द्वारा भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार की योजना बनाई जा रही है अगले शैक्षणिक सत्र से शिक्षा में सुधार के लिए कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। जिसमे शिक्षा में सुधार करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा हिंदी के साथ अंग्रेजी में भी शिक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया गया है । प्रदेश सरकार द्वारा विद्यार्थियों की स्मार्ट यूनिफार्म का फैसला एसएमसी और स्कूल प्रबंधन करेंगे।
उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर और कक्षाओं में सुधार लाया जा रहा है ताकि विद्यार्थियों के सीखने के बेहतर अनुभव प्राप्त हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी राजकीय डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रही है, जहां विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के उपाय किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि घुमारवीं विधानसभा में हटवाड राजीव गांधी राजकीय डे-बोर्डिंग स्कूल खोला जायेगा उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मेधावी छात्राओं को ई-स्कूटी खरीदने के लिए 25 हजार रुपए का अनुदान प्रदान कर रही है। सुविधाओं के अभाव में कोई विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित न रहे इसके लिए राज्य सरकार ने डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना शुरू की है, जिसके तहत उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपए तक ऋण उपलब्ध करवा रही है।
वर्तमान प्रदेश सरकार सभी सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के प्रति वचनबद्ध है तथा इस दिशा में सरकार द्वारा अनेक पग उठाए जा रहे हैं। शिक्षकों के रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जा रहा है वहीं स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं विकसित की जा रही है ताकि विद्यार्थियों को बेहतर व गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध हो सके।
इस अवसर स्कूली बच्चों द्वारा विविधता में एकता का संदेश देते हुए अनेक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सभी सात स्कूलों के 108 बच्चों द्धारा हिमाचली नाटी प्रस्तुत की ।
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