दिल्ली में विभागीय प्रमोशन कमेटी की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी; जल्द जारी हो सकते हैं आदेश, एक इंस्पेक्टर को भी ओआरपी डीएसपी बनाने की तैयारी
चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस में लंबे समय से ऑर्डरली रूम प्रमोशन (ओआरपी) के तहत डीएसपी के पद पर काम कर रहे अधिकारियों के नियमित होने का रास्ता साफ हो गया है। शुक्रवार को दिल्ली में हुई विभागीय प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) की बैठक में 11 ओआरपी डीएसपी को नियमित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। अब संबंधित अधिकारियों के नियमित डीएसपी बनने के आदेश जल्द जारी होने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा संबंधित फाइल लेकर दिल्ली पहुंचे थे। उनके साथ आईजीपी पुष्पिंदर भी मौजूद थे। इसके अलावा विभाग में एक इंस्पेक्टर को ओआरपी के तहत डीएसपी का रैंक देने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है।
इन अधिकारियों के नियमित होने की उम्मीद
नियमित डीएसपी बनाए जाने वाले अधिकारियों की सूची में श्री प्रकाश, मंजू, गुरजीत कौर, जसविंदर कौर, सुखदीप, नीरज सरना, रणजोत सिंह, मलकीत और पूनम दिलावरी के नाम शामिल बताए गए हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में कुल 11 अधिकारियों का उल्लेख है, जबकि नाम केवल नौ दिए गए हैं। शेष नामों की आधिकारिक पुष्टि के बाद सूची स्पष्ट होगी।
दो ओआरपी डीएसपी हो चुके हैं सेवानिवृत्त
चंडीगढ़ पुलिस में ओआरपी डीएसपी के पद पर काम कर चुके दलबीर सिंह भिंडर और डीएसपी दिलबाग सेवानिवृत्त हो चुके हैं। दोनों को नियमित डीएसपी बनने का लाभ नहीं मिल पाया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें इंस्पेक्टर के पद के आधार पर सेवानिवृत्ति लाभ मिलेंगे।
वहीं, वर्ष 2027 में भी दो ओआरपी डीएसपी के सेवानिवृत्त होने की संभावना बताई गई थी। नियमित प्रमोशन मिलने से संबंधित अधिकारियों को डीएसपी पद के अनुसार सेवा लाभ मिलने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, यह संबंधित सेवा नियमों और जारी होने वाले आधिकारिक आदेशों पर निर्भर करेगा।
कांस्टेबलों को भी प्रमोशन, हेड कांस्टेबल बने जवान
चंडीगढ़ पुलिस में प्रमोशन की मांग को लेकर कांस्टेबल केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख कर चुके हैं। इसके बाद डीजीपी ने वर्ष 2009 बैच और आईआरबी के जवानों को प्रमोट कर हेड कांस्टेबल बनाया। अन्य कांस्टेबलों को भी दीपावली के आसपास प्रमोशन मिलने की संभावना जताई जा रही है।
सब इंस्पेक्टरों को भी मिला प्रमोशन का लाभ
प्रमोशन और वरिष्ठता से जुड़े मामलों को लेकर सब इंस्पेक्टर भी कैट पहुंचे थे। इसके बाद विभाग में तीन सब इंस्पेक्टरों को नियमित इंस्पेक्टर के पद पर प्रमोट किया गया, जबकि 10 सब इंस्पेक्टरों को ओआरपी इंस्पेक्टर का रैंक दिया गया। इसके अलावा कुछ सब इंस्पेक्टरों को लोकल रैंक देकर इंस्पेक्टर बनाया गया।
डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा के कार्यकाल में लोकल रैंक के माध्यम से प्रमोशन देने की प्रक्रिया भी जारी है। इससे लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे पुलिसकर्मियों को राहत मिलने की उम्मीद है। नियमित प्रमोशन और लोकल रैंक के जरिए विभाग में कर्मचारियों को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।
