रोपड़ : हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी राज्यों के वाणिज्यिक वाहनों पर लगाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में शनिवार को पंजाब के ट्रांसपोर्टरों ने मोर्चा खोल दिया। टैक्सी और ट्रांसपोर्ट यूनियनों के सदस्यों ने चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर रोपड़ के पास विशाल धरना दिया और चक्का जाम कर दिया।
इस विरोध प्रदर्शन के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे हजारों पर्यटक और स्थानीय राहगीर भीषण गर्मी में घंटों फंसे रहे। यूनियन नेताओं ने हिमाचल सरकार की नई अधिसूचना को भेदभावपूर्ण करार दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अधिसूचना के तहत हिमाचल में पंजीकृत टैक्सियों और छोटे वाणिज्यिक वाहनों को एंट्री टैक्स से छूट दी गई है, जबकि पंजाब और अन्य पड़ोसी राज्यों के वाहनों पर भारी टैक्स थोप दिया गया है। ट्रांसपोर्टरों का तर्क है कि इस दोहरी नीति के कारण उनके लिए कारोबार करना मुश्किल हो गया है और यह निष्पक्ष व्यापार के सिद्धांतों के खिलाफ है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में काम करने वाले ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि नई टैक्स व्यवस्था से उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। धरने पर बैठे एक ड्राइवर ने कहा, “हमारी कमाई पर इसका बहुत बुरा असर पड़ा है। पर्यटक अब अतिरिक्त टैक्स से बचने के लिए पंजाब की गाड़ियों के बजाय हिमाचल के स्थानीय वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह पंजाब के ऑपरेटरों के साथ सरासर अन्याय है।”
शाम 8 बजे तक जाम की चेतावनी : परमजीत सिंह पम्मा और गौरव राणा ने इस नीति को “अवैध” बताते हुए कहा कि यह हिमाचल के ऑपरेटरों के पक्ष में एकाधिकार.को बढ़ावा देने की कोशिश है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक इस अधिसूचना को वापस नहीं लिया जाता और सभी राज्यों के लिए समान टैक्स नीति लागू नहीं की जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। ट्रांसपोर्टरों ने फिलहाल आज रात 8 बजे तक हाईवे जाम रखने का ऐलान किया है और मांग की है कि पंजाब सरकार इस मामले में तुरंत दखल दे।
वैकल्पिक मार्ग भी हुए प्रभावित : जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। ट्रैफिक को डायवर्ट करने के लिए पुलिस ने अन्य मार्गों का सहारा लिया, लेकिन वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण वैकल्पिक रास्तों पर भी जाम जैसी स्थिति बनी रही। समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शनकारी हाईवे पर डटे हुए थे और हिमाचल सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
