चंबा के बच्चों ने राष्ट्रपति भवन का किया शैक्षणिक भ्रमण

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ऐतिहासिक स्थलों से जुड़कर विद्यार्थियों ने सीखा देश का गौरवशाली अतीत

‘सुख आश्रय योजना’ से बच्चों को मिल रहे नए अवसर

एएम नाथ। चंबा : चंबा जिला के ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के लिए आयोजित शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत बच्चों ने राष्ट्रपति भवन का दौरा कर एक ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक अनुभव प्राप्त किया। विभिन्न बाल देखभाल संस्थानों में अध्ययनरत इन बच्चों ने राजधानी नई दिल्ली में स्थित इस ऐतिहासिक एवं प्रशासनिक केंद्र के विविध पहलुओं को नजदीक से समझा।
भ्रमण के दौरान बच्चों ने राष्ट्रपति भवन के भव्य उद्यान, संग्रहालय, महत्वपूर्ण बैठक कक्षों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के आयोजन स्थलों का अवलोकन किया। वहां मौजूद गाइड ने उन्हें राष्ट्रपति भवन की कार्यप्रणाली, इसके दायित्वों और देश के प्रशासनिक ढांचे में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान बच्चों में उत्सुकता और सीखने की ललक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
भ्रमण दल के प्रभारी एवं बाल संरक्षण अधिकारी अजय भारद्वाज ने बताया कि बच्चों ने उपहार कक्ष में प्रदर्शित चंबा रूमाल को देखकर विशेष गर्व महसूस किया। इस पारंपरिक कला को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित स्थान पर देखकर बच्चों का उत्साह दोगुना हो गया। राष्ट्रपति भवन की भव्यता और गरिमा ने सभी को गहराई से प्रभावित किया।
इससे पहले बच्चों ने लाल किला, राजघाट और इंडिया गेट जैसे प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का भी भ्रमण किया। इन स्थलों पर उन्हें भारत के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुईं। दिनभर की गतिविधियों के बाद बच्चों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था हिमाचल भवन में की गई।
उल्लेखनीय है कि यह शैक्षणिक भ्रमण राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘सुख आश्रय योजना’ के अंतर्गत आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य निराश्रित बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में संचालित इस योजना के माध्यम से बच्चों को शिक्षा, संरक्षण और प्रोत्साहन के बेहतर अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
इस भ्रमण में चंबा जिला के चार बाल देखभाल संस्थानों के 35 बच्चे (24 लड़कियां और 11 लड़के) भाग ले रहे हैं। 31 मार्च से शुरू हुआ यह कार्यक्रम 7 अप्रैल तक जारी रहेगा। विद्यार्थियों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताते हुए कहा कि इससे उन्हें देश की संस्कृति, इतिहास और प्रशासन को समझने का अनूठा अवसर मिला।

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