एएम नाथ। चण्डीगढ़ : यमुनानगर जिले के सढौरा क्षेत्र के गांव श्यामपुर के एक युवक ने अपनी प्रेमिका से प्रेम विवाह करने के चक्कर में अपनी मां की योजनाबद्ध तरीके से गला घोटकर इसलिए हत्या कर दी कि वह उसे इस लड़की से विवाह करने की इजाजत नहीं दे रही थी। पता चला है कि वह अपनी मां को रास्ते से हटाने की योजना के साथ 18 दिसंबर को इंग्लैंड से चोरी चुपके अपने गांव अपने दोस्त के पास पहुंचा। बाद में 24 दिसंबर को मौका पा कर रात को अपने घर पशुओं के बाड़े में छुप गया। बताते हैं कि जब उसकी मां पशुओं की देखभाल करने बाड़े में पहुंची तो उसने मौका पाकर उसकी गला घोट कर हत्या कर दी।
मां का शव 24 दिसंबर को घर में पानी के हौद में मिला था। पुलिस ने कलयुगी पुत्र और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है दोनों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया था।
अब इस मामले की गहराई में जाने से पता चला है कि 24 दिसंबर को पूर्व सरपंच की पत्नी बलजिंदर कौर का शव पानी की खोल में पड़ा मिला। पुलिस ने मौके का मुआयना किया तो दाल में कुछ काला नजर आया। पुलिस कप्तान कमलदीप गोयल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी गठित करने का फैसला किया। जांच पड़ताल से पता चला कि मृतका के पुत्र गोमित राठी का एक युवती से प्रेम विवाह करने को लेकर मां के साथ लगभग 2 साल से विवाद बना हुआ था। मां इस शादी के एकदम खिलाफ थी। इसी बात को लेकर युवक को इंग्लैंड भेज दिया गया परंतु उसके बाद भी उसके व्यवहार में कोई फर्क नहीं पड़ा।
बताया गया है कि गोमित राठी ने इंग्लैंड में रहते हुए अपनी मां को रास्ते से हटाने की योजना बना ली। जिसकी जानकारी गांव में उसके दोस्त पंकज पुत्र कुलदीप को छोड़कर किसी को नहीं थी। योजना को अमली जामा पहनाते हुए 18 दिसंबर को बिना किसी को बताए चुपचाप इंग्लैंड से भारत लौट आया और अपने दोस्त के घर छुप कर रहने लगा। फिर 24 दिसंबर को आरोपी रात को दोस्त के घर से निकलकर अपने घर में पशुओं के बाड़े में छुप कर बैठ गया। रात को किसी समय जब उसकी मां पशुओं को चारा डालने या उन्हें संभालने के लिए आई तो मौका पाकर उसने अपनी मां की गला घोंट कर हत्या कर दी।
जहां पुलिस इस मामले में झगड़े की जड़ तीन, जर, जोरू और जमीन को मन मस्तिष्क में रखकर जांच कर रही थी वही आरोपी यह भूल रहे थे कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं। आरोपी ने अपनी ओर से चाक चौबंद होकर वारदात को अंजाम दिया लेकिन पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करके यह साबित कर दिया कि वास्तव में कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं। जानकार मानते हैं कि आरोपी ने यह सोचा होगा कि योजना के अनुसार वह अपनी मां को ठिकाने लगाकर चुपचाप वापिस इंग्लैंड खिसक जाएगा और किसी को इस बात का शक भी नहीं होगा कि इंग्लैंड में बैठा उसका बेटा भी हत्या का आरोपी हो सकता है। परंतु अब उसे जेल जाना पड़ गया वह भी अपने उस दोस्त के साथ जिसने उसकी इस अपराध में कथित मदद की। इस मामले में बताया गया है कि आरोपी राजस्थान के धार्मिक स्थल खाटूश्याम भी होकर आया था।
