जम्मू-कश्मीर से आए यात्रियों के जत्थों ने छडिय़ों के साथ भरमौर पहुंचे , जमाया डेरा : आज भी ठप रहेंगी भरमौर से गौरीकुंड के लिए उड़ानें

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एएम नाथ। भरमौर :   मणिमहेश यात्रा की हेलि टैक्सी सेवा शुक्रवार को शाम पौने चार बजे जम्मू-कश्मीर की छडिय़ों के भरमौर हेलिपैड पर पहुंचते ही ठप पड़ गई हैं।  अब शनिवार को भी पूरा दिन भरमौर से गौरीकुंड के लिए उड़ानें नहीं होंगी। छडिय़ों के साथ भरमौर पहुंचे जे एंड के की छडिय़ों व यात्रियों के जत्थों के डल झील की ओर निकलने के बाद ही यहां पर हवाई सेवाएं आरंभ हो पाएंगी। उल्लेखनीय है कि मणिमहेश यात्रा में राधाअष्टमी पर्व पर डल झील में होने वाले शाही बड़े न्हौण में पड़ोसी राज्य से भारी तादाद में श्रद्धालु पवित्र छडिय़ों के साथ पहुंचते हैं। सदियों से वे मणिमहेश यात्रा पर छडिय़ों के साथ आने की परंपरा निभा रहे हैं। लिहाजा रियासतकाल से ही पड़ोसी राज्य के श्रद्धालु भरमौर पहुंचने पर अपना रात्रि ठहराव यहां स्थित हेलिपैड पर ही करते हैं। नतीजतन उनके भरमौर पहुंचने के उपरांत यहां पर हवाई उड़ानें बंद होती हैं।

गत गुरुवार को ही जम्मू-कश्मीर के श्रद्धालुओं का छडिय़ों के साथ भरमौर आने का दौर आरंभ हो गया था, लेकिन उपमंडलीय प्रशासन को दी पूर्व सूचना के तहत उनको शनिवार भरमौर पहुंचना था। शुक्रवार को आए श्रद्धालुओं को हेलिपैड के एक किनारे पर रहने की व्यवस्था कर दी गई। इसके चलते शुक्रवार को सुबह से सायं पौने चार बजे तक हेलि टैक्सी सेवा यहां पर जारी रहीं। यात्री चौरासी समेत भरमाणी माता मंदिर में हाजिरी भरने के उपरांत ही डल झील की ओर निकलेंगे। प्रशासन ने भी शनिवार को यहां पर उड़ानें बंद रखने का फैसला लिया है। एडीएम भरमौर कुलवीर सिंह राणा का कहना है कि शनिवार को भरमौर से गौरीकुंड के लिए हवाई उड़ानें नहीं होंगी। राधाष्टमी के स्नान के लिए जे एंड के की छडिय़ों के साथ मणिमहेश यात्री भरमौर पहुंच गए हैं और अब इनके डल झील की ओर जाने के उपरांत ही हेलि टैक्सी सेवा आरंभ हो पाएगी। (एचडीएम)

आज चौरासी मंदिर पहुंचेंगे संचूई के शिव चेले

मणिमहेश में राधाष्टमी न्हौण के लिए संचूई के शिव चेले छड़ी के साथ शनिवार को चौरासी मंदिर परिसर पहुंचेंगे। इस दौरान दो दिनों तक चौरासी स्थित प्राचीन शिव मंदिर के चबूतरे पर बैठ कर श्रद्धालुओं को मणिमहेश यात्रा पर जाने की अनुमति देंगे। दस सिंतबर को डल तोडऩे की परंपरा का निर्वाहन करेंगे। 11 सितंबर को दोपहर में शिव चेले छड़ी के साथ डल से लौट आएंगे।

भोले का आशीर्वाद लेकर कचरा छोड़ रहे यात्री

भरमौर। भगवान भोले नाथ का आशीर्वाद लेकर मणिमहेश यात्री यहां पर कूड़ा-कचरा छोड़ कर जा रहे है। यात्रा के 14 दिनों के भीतर छह पड़ावों से 5025 किलोग्राम कचरा एकत्रित किया गया है। हिलिंग हिमालया और धौलाधार क्लीनर संस्थाएं प्रशासन के साथ यात्रा में सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभाले हुए हैं। मणिमहेश मंदिर न्यास एवं उपमंडलीय प्रशासन भरमौर ने यात्रा में सफाई व्यवस्था को लेकर एक रणनीति के तहत काम करने का फैसला लिया था। खासकर यात्रा के विभिन्न पडावों पर प्लॉस्टिक समेत अन्य कचरे को मौके पर ही सेग्रीगेट करने का निर्णय प्रशासन ने लिया।

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