जल संरक्षण के साथ-साथ मछली पालन से हो सकती है अच्छी आय : गांव अमनेड़ के ओंकार चंद और उलेड़ वचित्र सिंह कर रहे हैं मछली पालन

by

मत्स्य पालन विभाग ने दोनों किसानों को दी है लगभग 80 प्रतिशत सब्सिडी
हमीरपुर 04 दिसंबर। जिला हमीरपुर में चैक डैमों और तालाबों के निर्माण से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सकता है, बल्कि इन मानव निर्मित जलाशयों में मछली पालन की भी काफी अच्छी संभावनाएं हैं। जिले के किसान छोटे-छोटे नालों में चैक डैमों या निजी भूमि पर टैंकों एवं तालाबों का निर्माण करके तथा उनमें मछली पालन करके भी अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं। हमीरपुर के गांव अमनेड़ के ओंकार चंद और भोटा के निकटवर्ती गांव उलेड़ के वचित्र सिंह ने कुछ ऐसा ही करके दिखाया है।
सेना से रिटायर होने के बाद ओंकार चंद जब घर आए तो उनके पास आय के सीमित साधन ही थे। पेंशन के सहारे ही जीवन-यापन हो रहा था। सिंचाई सुविधा एवं पानी की कमी के कारण उन्हें जमीन से कोई खास पैदावार भी नहीं मिल पा रही थी। उनकी जमीन के साथ लगते नाले पर चैक डैम बना तो उन्होंने जमीन की सिंचाई के साथ-साथ वहां पर मछली पालने के बारे में सोचा, लेकिन इसमें भी पैसे की कमी आड़े आ रही थी।
इसी बीच, उन्हें मत्स्य पालन विभाग की 80 प्रतिशत सब्सिडी वाली योजना की जानकारी मिली और उन्होंने विभाग की मदद से मछलियां पालने का निर्णय लिया। मत्स्य पालन की योजना के तहत ओंकार चंद को लगभग ढाई लाख रुपये का अनुदान मिला और विभाग ने उन्हें मत्स्य पालन के लिए प्रशिक्षित भी किया।
इसके बाद उन्होंने घाघस और बिलासपुर से मछलियों की विभिन्न प्रजातियों जैसे-रोहू, कतला, सिल्वर और सिंघाड़ इत्यादि का बीज लाकर चैक डैम में इनका पालन शुरू किया। अब इस चैक डैम में मछलियों के झुंड अठखेलियां करते नजर आते हैं। इन्हें लोकल मार्केट में बेचकर ओंकार चंद को अच्छी आय हो रही है। मछलियों के विपणन के लिए ओंकार चंद को विभाग की ओर से कई अन्य सुविधाएं भी मिली हैं। उन्हें मोटरसाइकिल के लिए भी लगभग 30 हजार रुपये का अनुदान मिला है।
आंेकार चंद की तरह भोटा के निकटवर्ती गांव उलेड़ के वचित्र सिंह ने भी मत्स्य पालन विभाग की मदद से लगभग दो हजार क्यूबिक मीटर का तालाब बनाकर उसमें मछली पालन आरंभ किया है। इसके लिए उन्हें विभाग की ओर से लगभग 70 हजार रुपये का अनुदान मिला है। उनके तालाब में भी विभिन्न प्रजातियों की मछलियां मौजूद हैं।
प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए वचित्र सिंह और ओंकार चंद का कहना है कि मत्स्य पालन विभाग की योजना के कारण ही वे जल संरक्षण के साथ-साथ मछली पालन भी कर रहे हैं और उन्हें इससे अच्छी आय हो रही है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

हिमाचल प्रदेश

नगर निगम वार्डों के पुनर्सीमांकन हेतु प्राप्त दावे एवं आपत्तियों की सुनवाई 19 फरवरी को बचत भवन शिमला में वार्डवार

शिमला, 17 फरवरी : अतिरिक्त उपायुक्त शिमला शिवम प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर निगम शिमला में वार्डों के पुनर्सीमांकन हेतु 17 फरवरी, 2022 को सायं 5 बजे तक दावे एवं...
article-image
हिमाचल प्रदेश

जिला चंबा में ड्राइविंग टेस्ट व वाहन पासिंग के लिए शेड्यूल जारी : 16 से 27 सितंबर तक होंगे ड्राइविंग टेस्ट व वाहनों की फिटनेस जांच :राम प्रकाश आरटीओ चंबा

एएम नाथ। चम्बा :  जिला चंबा में सितंबर माह के दौरान 16 से 27 सितंबर तक वाहनों की पासिंग व ड्राइविंग टेस्ट लिए जाएंगे। यह जानकारी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी चंबा राम प्रकाश ने दी...
article-image
हिमाचल प्रदेश

विजीलेंस ने शुरू की अवैध रूप से उखाड़ी जा रही कशमल की छानबीन

एएम नाथ। चम्बा :  वन परिक्षेत्र मसरूँड में अवैध रूप से उखाड़ी जा रही कशमल की छानबीन हेतु विजीलेंस विभाग चंबा की टीम ने बुधवार को निरीक्षक अश्विनी कुमार की अगुआई में उक्त क्षेत्र...
हिमाचल प्रदेश

मृत पाए गए मोर पक्षियों में नही मिला वर्ड फ्लू वायरस

ऊना, 12 फरवरी: गत 8 फरवरी को जिला ऊना के कुठियाड़ी में मृत पाए गए चार मोर पक्षियों के सैंपलों में वर्ड फ्लू का वायरस नहीं पाया गया है। इस संबंध में जानकारी देते...
Translate »
error: Content is protected !!