जिभी घाटी में जिम्मेदार पर्यटन की दिशा में बड़ा कदम, तांदी ग्राम सभा में कई अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी

by

कचरा प्रबंधन, वेंडिंग ज़ोन, पार्किंग और पुलिस चौकी की स्थापना के लिए सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव।

स्थानीय समुदाय की भागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर कानून व्यवस्था को लेकर लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय।

बंजार (परस राम भारती), 20 जुलाई :  जिला कुल्लू उपमंडल बंजार की ग्राम पंचायत तांदी में आयोजित ग्राम सभा में सोमवार को सतत एवं समुदाय आधारित पर्यटन (कम्युनिटी बेस्ड टूरिज्म) को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। ग्राम सभा में 200 से अधिक ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर क्षेत्र की बीडीसी सदस्य भूमा देवी भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

ग्राम सभा के दौरान जिभी वैली टूरिज्म डेवलपमेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधि ने समुदाय आधारित पर्यटन की अवधारणा पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पर्यटन का वास्तविक लाभ तभी संभव है, जब स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलें, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हो तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान सुरक्षित बनी रहे।

बैठक में जिभी घाटी में बढ़ रहे पर्यटन के प्रभावों और भविष्य की चुनौतियों पर भी गंभीर चर्चा की गई। संघ के पदाधिकारियों ने जिम्मेदार एवं सतत पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम सभा के समक्ष कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किए, जिनका ग्रामीणों ने व्यापक समर्थन किया।

ग्राम सभा में पंचायत क्षेत्र में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण तथा अवैध पार्टी संस्कृति पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके साथ ही सभी होटल, होमस्टे और अन्य पर्यटन इकाइयों को संगठित ठोस अपशिष्ट (कचरा) प्रबंधन प्रणाली से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि घाटी की स्वच्छता और पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके।

बैठक में वन विभाग और पंचायत के सहयोग से प्रमुख पर्यटन स्थलों पर व्यवस्थित वेंडिंग ज़ोन विकसित करने का सुझाव भी दिया गया। इसके अलावा सभी व्यावसायिक पर्यटन प्रतिष्ठानों के लिए पार्किंग व्यवस्था को अनिवार्य बनाने पर भी सहमति बनी, जिससे सड़कों पर यातायात की समस्या कम हो और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

पर्यटन गतिविधियों में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए जिभी घाटी में स्थायी पुलिस चौकी अथवा अतिरिक्त पुलिस बल की स्थापना के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजने की भी मांग उठाई गई। ग्रामीणों का मानना था कि इससे कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और स्थानीय लोगों तथा पर्यटकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि पर्यटन विकास ऐसा होना चाहिए, जिसमें स्थानीय समुदाय की भागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन बना रहे। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि इन प्रस्तावों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो जिभी घाटी हिमाचल प्रदेश में जिम्मेदार, सुरक्षित और सतत पर्यटन का एक आदर्श उदाहरण बन सकती है।

अंत में जिभी वैली टूरिज्म डेवलपमेंट एसोसिएशन ने ग्राम पंचायत तांदी, बीडीसी सदस्य, जनप्रतिनिधियों तथा सभी ग्रामीणों का सहयोग और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। एसोसिएशन ने कहा कि जनसहभागिता और सामूहिक प्रयासों से ही जिभी घाटी के पर्यटन को नई दिशा दी जा सकती है तथा इसे पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय विकास के साथ आगे बढ़ाया जा सकता है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

मुझे पूरा विश्वास है कि कांग्रेस जीतेगी – प्रतिभा सिंह

शिमला  :  देश भर में आम चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही चुनाव आयोग ने यह जानकारी दे दी है कि हिमाचल प्रदेश में एक जून को वोटिंग होगी।  वहीं, दो सीटों...
article-image
हिमाचल प्रदेश

जिला परिषद उपचुनाव का परिणाम घोषित

एएम नाथ।  सुजानपुर 30 सितंबर :  जिला परिषद वार्ड नंबर-1 बगेहड़ा के लिए उपचुनाव में प्रवीण कुमार को निर्वाचित घोषित किया गया है। सोमवार को सुजानपुर में हुई मतगणना में प्रवीण कुमार को 1964...
article-image
हिमाचल प्रदेश

2186.93 हैक्टेयर भूमि को बहाव सिंचाई योजना के तहत लाया जाएगा: डा. बलबीर सिंह

मंडी, 22 नवम्बर । जायका परियोजना चरण-2 के तहत 2186.93 हैक्टेयर भूमि को बहाव सिंचाई योजना के तहत सिंचित किया जायेगा। यह जानकारी जायका परियोजना के जिला परियोजना प्रबंधक डा. बलबीर सिंह ने दी...
article-image
हिमाचल प्रदेश

घरेलू हिंसा रोधी अधिनियम, पोक्सो एक्ट और अन्य अधिनियमों से करवाया अवगत

हमीरपुर 20 फरवरी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने मंगलवार को उपमंडलीय विधिक सेवाएं समिति बड़सर के सहयोग से ग्राम पंचायत सौर के कार्यालय परिसर में एक जागरुकता शिविर आयोजित किया। इस शिविर में...
Translate »
error: Content is protected !!