शिमला, 5 अक्तूबर: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग को जॉब ट्रेनी प्रशिक्षु चिकित्सकों को स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम करने की अनुमति देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सुपर-स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम करने के इच्छुक चिकित्सकों को भी अनुमति प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि चिकित्सकों के बॉन्ड की अवधि और राशि में वृद्धि की जाएगी, ताकि पीजी या सुपर-स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद चिकित्सक प्रदेश में लौटकर हिमाचल की जनता को अपनी सेवाएं दे सकें। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के मरीजों को बेहतर विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
रेडियोलॉजी सेवाओं का डेटा होगा डिजिटल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों को रेडियोलॉजी विभागों में होने वाली एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जांच से संबंधित डेटा को 20 अक्तूबर तक एंड-टू-एंड डिजिटाइज करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध करवाया जाएगा। साथ ही मेडिकल कॉलेजों को नर्सों और तकनीशियनों की विभागवार आवश्यकता की जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए, ताकि भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
मेडिकल कॉलेजों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज (एआईएमएसएस), चमियाणा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने के प्रस्ताव की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की गई है।
समिति प्रत्येक संस्थान में ऐसे दो से चार विभागों की पहचान करेगी, जिन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा सकता है। इन केंद्रों में जटिल, दुर्लभ और गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए उन्नत तकनीक, विशेषज्ञता और बहुविषयक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने की योजना है।
चिकित्सा विद्यार्थियों को विदेशों में एक्सपोजर विजिट
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की बेहतर कार्यप्रणालियों और आधुनिक चिकित्सा व्यवस्थाओं से परिचित करवाने के लिए उन्हें विदेशों में एक्सपोजर विजिट पर भेजने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इसके लिए चयन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, सचिव स्वास्थ्य आशीष सिंहमार, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. गोपाल बेरी तथा मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) प्रदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
