मानसा, 24 अक्टूबर। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय नेता राकेश टिकैत ने पंजाब में नशे के बढ़ते प्रसार के लिए केंद्र और पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए नशा तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। वह मानसा में परविंदर सिंह ‘झोटा’ को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे।
राकेश टिकैत ने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह ‘झोटा’ की हत्या का मामला केवल एक युवक की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नशे के खिलाफ संघर्ष करने वालों की सुरक्षा और सरकारों की जवाबदेही से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार पर रोक लगाना केंद्र और पंजाब सरकार, दोनों की जिम्मेदारी है।
टिकैत ने सवाल उठाया कि यदि सरकारें नशे को जड़ से खत्म करने के लिए गंभीर हैं, तो नशा तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने के लिए घोषणाओं के बजाय जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
‘झोटा’ की लड़ाई जारी रखने का ऐलान
किसान नेता ने कहा कि परविंदर सिंह ‘झोटा’ द्वारा शुरू की गई नशा-विरोधी लड़ाई को बीच में नहीं छोड़ा जाएगा और इसे तार्किक अंजाम तक पहुंचाने के लिए संघर्ष को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने मांग की कि झोटा की हत्या के मामले में जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा दिलाई जाए और नशा तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि नशे का मुद्दा किसी एक परिवार या संगठन तक सीमित नहीं है। नशे के कारण बर्बाद हो रहे परिवारों और अपने बच्चों को खोने वाले माता-पिता का दर्द पूरे समाज से जुड़ा है। इसलिए किसानों, मजदूरों, युवाओं और सामाजिक संगठनों को मिलकर नशे के खिलाफ आवाज बुलंद करनी चाहिए।
राकेश टिकैत ने कहा कि परविंदर सिंह ‘झोटा’ के परिवार को इंसाफ दिलाने और नशीले पदार्थों के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए संघर्ष तेज किया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि इस लड़ाई का उद्देश्य न्याय दिलाने के साथ ऐसा माहौल बनाना भी है, जिसमें नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले किसी अन्य युवा को अपनी जान गंवाने का खतरा न उठाना पड़े।
