गढ़शंकर, 21 अगस्त: टेक्निकल सर्विसेज यूनियन (टीएसयू) पंजाब की ओर से राज्य स्तर पर चलाए जा रहे संघर्ष के तहत शुक्रवार को पावरकॉम के मंडल कार्यालय गढ़शंकर के बाहर पंजाब सरकार और पावरकॉम मैनेजमेंट के खिलाफ विशाल धरना दिया गया। इस दौरान यूनियन नेताओं ने बिजली विभाग में कर्मचारियों की कमी सहित विभिन्न मांगों को लेकर सरकार और मैनेजमेंट के खिलाफ रोष जताया। धरने को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि बिजली विभाग में हजारों पद खाली पड़े होने के बावजूद नियमित भर्ती नहीं की जा रही। इसके विपरीत कम कर्मचारियों से अधिक काम लेने की नीति अपनाई जा रही है और निजीकरण की नीतियों को लागू कर बिजली क्षेत्र में कॉरपोरेट घरानों के हितों के अनुरूप व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने कहा कि एक कर्मचारी से कई-कई कर्मचारियों का काम लिया जा रहा है, जबकि पहले से ही काम के बोझ तले दबे कर्मचारियों पर ब्रेकडाउन और शिकायतों का जल्द समाधान करने का दबाव बनाया जा रहा है तथा देरी होने पर कार्रवाई के फरमान जारी किए जा रहे हैं। नेताओं ने कहा कि तकनीकी कर्मचारियों को काम के दौरान जरूरी सुरक्षा किट और उपकरण उपलब्ध करवाने के बजाय महंगी कीमतों पर खरीदे गए अनावश्यक मोबाइल फोन दिए जा रहे हैं। उन्होंने बिजली विभाग में वर्षों से विभिन्न पदों पर कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को तुरंत नियमित करने तथा न्यूनतम मजदूरी कानून-1948 के अनुसार वेतन सुनिश्चित करने की मांग की। यूनियन की प्रमुख मांगों में बिजली संशोधन बिल-2025 को रद्द करना, ठेकेदारों और आउटसोर्स कंपनियों को बिजली विभाग से बाहर कर सभी कार्य विभागीय स्तर पर करवाना तथा वर्षों से आउटसोर्स के रूप में कार्यरत कर्मचारियों को विभाग के अधीन लाकर नियमित करना शामिल है। इसके अलावा 8 घंटे की कार्यदिवस सीमा को 12 घंटे करने का फैसला वापस लेने, समान काम के लिए समान वेतन लागू करने और ड्यूटी के दौरान वाहन इस्तेमाल करने वाले नियमित व कांट्रैक्ट तकनीकी कर्मचारियों को 30 लीटर प्रतिमाह पेट्रोल भत्ता देने की मांग की गई। उन्होंने आरटीएम से एएलएम और एएसएसए पदों पर पदोन्नत कर्मचारियों को 35,400 रुपये का वेतन स्केल देने, 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों पर केंद्रीय पे स्केल की बजाय बिजली निगम के स्केल लागू करने तथा 2004 के बाद भर्ती सभी कर्मचारियों को बिना किसी प्रभाव के पुरानी लाभकारी पेंशन योजना देने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही महंगाई भत्ते का बकाया और 18 प्रतिशत डीए तुरंत जारी करने की मांग की गई। नेताओं ने बताया कि पंजाब और चंडीगढ़ की यूनियनों द्वारा 27 अगस्त को सामूहिक छुट्टी करने के फैसले के साथ एकजुटता जताते हुए निर्णय लिया गया है कि यदि बिजली क्षेत्र में हड़ताल होती है तो टीएसयू कर्मचारी भी उस दिन हड़ताल में शामिल होंगे।
यूनियन नेताओं ने पंजाब सरकार और पावरकॉम मैनेजमेंट से मांगों के समाधान के लिए संगठन को तत्काल बैठक का समय देने और समस्याओं का जल्द निपटारा करने की अपील की। धरने को सर्कल अध्यक्ष नंद लाल जेई, सर्कल सचिव हरजीत सिंह फौजी जेई, मंडल गढ़शंकर टीएसयू अध्यक्ष हरजिंदर सिंह, कमलजीत सिंह, मनजीत सिंह, पावरकॉम एंड ट्रांसको यूनियन मंडल अध्यक्ष लखवीर सिंह, रवि कुमार, गुरप्रीत सिंह तथा पेंशनर एसोसिएशन की ओर से रणजीत सिंह फोरमैन, सुच्चा सिंह, सोहन लाल, निर्मल सिंह आदि नेताओं ने संबोधित किया।
