अप्रैल में भुगतान का आश्वासन, नहीं मिला तो आंदोलन की चेतावनी
एएम नाथ। चम्बा : वन विभाग की नर्सरियों में कार्यरत दिहाड़ीदार मजदूरों ने लंबे समय से मानदेय न मिलने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। मजदूरों ने अधिवक्ता जय सिंह के नेतृत्व में पहले डी.सी. कार्यालय के बाहर धरना दिया और बाद में आक्रोश रैली निकालते हुए डी.एफ.ओ. कार्यालय का घेराव किया।
रैली के दौरान मजदूरों ने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर रोष जताया। यह रैली धड़ोग मोहल्ला से गुजरते हुए डी.एफ.ओ. कार्यालय पहुंची, जहां मजदूरों ने कार्यालय परिसर में ही बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब मजदूर अपनी मांगों पर अड़े रहे और अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस हो गई। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया।
मजदूरों का आरोप है कि मसरूड, कंदला और माणी बीट में पिछले 15-16 वर्षों से कार्यरत श्रमिकों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। उनका कहना है कि उन्हें पिछले 18 महीनों से मानदेय नहीं मिला है, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे आंदोलन तेज करेंगे।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता जय सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार खुद को मजदूरों और किसानों की हितैषी बताती है, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर प्रभावशाली लोगों को समय पर वेतन मिल रहा है, वहीं गरीब मजदूर मूलभूत जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
बढ़ते दबाव को देखते हुए डी.एफ.ओ. कृतज्ञ कुमार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और आश्वासन दिया कि अप्रैल माह में लंबित मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नर्सरी मजदूर नियमित दैनिक भोगी कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि उन्हें मौसमी कार्य के आधार पर बुलाया जाता है। बजट की कमी के कारण भुगतान में देरी हुई है और शेष राशि जारी करने के लिए प्रक्रिया चल रही है।
हालांकि मजदूरों ने साफ कर दिया है कि यदि अप्रैल में भी भुगतान नहीं हुआ, तो वे बिना किसी पूर्व सूचना के उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।
