गढ़शंकर (भारद्वाज) : सामाजिक सरोकारों और मानवाधिकारों के संरक्षण में अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए गढ़शंकर के बीत इलाके के गांव कंबाला के डॉ. नरेश कुमार भूम्बला को दिल्ली में आयोजित एक समागम में ‘भारत रत्न सम्मान’ और ‘पद्म श्री सम्मान’ से नवाजा गया है। भारत रतन सम्मान मूलयांकन बोर्ड द्वारा भारत रतन सम्मान और भारत ‘पद्म श्री सम्मान मूलयांकन बोर्ड द्वारा ‘पद्म श्री सम्म्मन दिया यह सम्मान भारत सरकार के विभिन्न दिशा-निर्देशों के तहत मूल्यांकन बोर्ड द्वारा उनके द्वारा किए गए निस्वार्थ कार्यों को मान्यता देने के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. भूम्बला का योगदान सामाजिक उत्थान के क्षेत्रों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा है। उनकी निरंतर प्रतिबद्धता ने न केवल जरूरतमंदों की मदद की है, बल्कि समाज में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने में भी बड़ी भूमिका निभाई है।
डॉ. नरेश कुमार भूम्बला ने बताया कि यह भारत रतन सम्मान मूलयांकन बोर्ड द्वारा भारत रतन सम्मान और भारत ‘पद्म श्री सम्मान मूलयांकन बोर्ड द्वारा ‘पद्म श्री सम्म्मन बीजीआरएसएससी के चेयरमैन डॉ। तपन कुमार राउत्रे, एमडी डॉ सुनील कुमार, सीओ कविता बजाज और डॉ चंद्रा रॉयल और वर्ल्ड हुमेन राइट्स कमीशन कौंसिल की सदस्य मुस्कान राजपूत ने दिल्ली में आयोजित समागम प्रदान किया। उन्होनों ने कहा कि निस्वार्थ मानवाधिकार और समाज सेवा के कार्यों को करने का यह सम्मान मुझे और ज्यादा समाज सेवा के कार्य करने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
डॉ. नरेश कुमार भूम्बला की इस उपलब्धि के लिए आल इंडिया जट्ट महासभा के पंजाब के जनरल सेक्रेटरी अजायब सिंह बोपाराय, वॉइस ऑफ प्यूपल के को कन्वीनर, राकेश प्रजापति, पवन शर्मा, पंचायत समिति सदस्य कमल कटारिया, पंचायत समिति सदस्य सरवन कसाना , मोहन लाल बीनेवाल, ब्राहमण सभा गढ़शंकर के अध्यक्ष कुलभूषण शौरी, सरपंच परमजीत सिंह गढ़ी मानसोवाल, नंबरदार दिलबाग सिंह ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि मानवाधिकार और समाज सेवा के क्षेत्र में डॉ. नरेश कुमार भूम्बला ने एक प्रेरणादायक मील का पत्थर स्थापित किया है।
132 : डॉ. नरेश कुमार भूम्बला ‘भारत रत्न सम्मान’ व ‘पद्म श्री सम्मान’ से सम्मानित करते हुए आयोजक।
