देश-विदेश में पहुंचाया जाएगा होशियारपुर का मशहूर वुड इनले वर्क: डीसी कोमल मित्तल

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‘कारीगर’ प्रोजैक्ट के माध्यम से वुड इनले वर्क के कारीगरों को ई-कामर्स प्लेटफार्म करवाया जाएगा मुहैया
– जिला रोजगार ब्यूरो की ओर से एमॉजान के साथ मिलकर एक दिवसीय वर्कशाप आयोजित
– लुप्त हो रहे वुड इनले वर्क के कारीगरों को प्रोत्साहित करने में नहीं छोड़ी जाएगी कोई कमी
होशियारपुर, 17 मई:
डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने कहा कि देश-विदेश में होशियारपुर के मशहूर इनले वर्क को पहुंचाया जाएगा, जिसके लिए जिला प्रशासन होशियारपुर ई-कामर्स कंपनी एमाजॉन के साथ मिलकर होशियारपुर के वुड इनले वर्क को प्रोत्साहित करने के योजना पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रयास से जहां जिले की इस प्रसिद्ध दस्तकारी को फिर से दुनिया में एक नई पहचान मिले वहीं इस काम से जुड़े लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। वे आज जिला प्रशासकीय कांप्लेक्स में जिला रोजगार ब्यूरो की ओर से एमॉजान के साथ मिलकर आयोजित की गई एक दिवसीय ‘कारीगर’ वर्कशाप को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर जिला रोजगार अधिकारी गुरमेल सिंह, जी.एम. जिला उद्योग केंद्र अरुण कुमार, प्रिंसिपल एच.आई.ए.डी.एस मंगेश सूद, कैरियर काउंसलर आदित्य राणा, प्लेसमेंट अधिकारी राकेश कुमार के अलावा वुड इनले वर्क का काम करने वाले कारीगर भी मौजूद थे।
एमाजॉन के साथ जिला प्रशासन व कारीगरों की इस वर्चूअल बैठक को संबोधित करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि वुड इनले वर्क होशियारपुर की अमीर विरासत की पहचान है और संस्कृति का अभिन्न अंग है लेकिन समय के साथ-साथ इसके कारीगरों में काफी कमी आ गई है क्योंकि इसे बनाने में जितनी मेहनत लगती है, कारीगरों को शायद इसका उतना मूल्य नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि ई-कामर्स कंपनी एमाजॉन के साथ ‘कारीगर’ प्रोजैक्ट के माध्यम से होशियारपुर के इन कुशल कारीगरों के प्रोडक्ट बाजार के सामने रखे जाएंगे ताकि कारीगरों को उनकी मेहनत की अच्छी आय मिल सके और अन्य लोग भी वुड इनले के इस काम के साथ जुडक़र इसे अलग पहचान दिला सके।
कोमल मित्तल ने कहा कि हमारा प्रयास है कि लुप्त हो रही इस कला को फिर से जिंदा किया जाए और जो कारीगर यह काम छोड़ चुके हैं, वे दोबारा से इस काम में शामिल हो। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव है जब इन कारीगरों को अच्छा मेहनताना व प्रोत्साहन मिले, जिसके लिए जिला प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन गांव बूथगढ़ स्थित इनले कलस्टर को एमाजॉन से जोडऩे की योजना पर काम कर रहा है ताकि लुप्त हो रहे वुड इनले वर्क को नई पहचान मिले। उन्होंने जिला वासियों से भी अपील करते हुए कहा कि वे चंडीगढ़ रोड स्थित गांव बूथगढ़ में बने वुड इनले कलस्टर से खरीददारी कर यहां के कारीगरों का हौंसला बढ़ाए। उन्होंने कहा कि बूथगढ़ कलस्टर में करीब 150 कारीगर रजिस्टर्ड है। उन्होंने कहा कि अगर कोई वुड इनले वर्क का कारीगर एमाजॉन के साथ जुडऩा चाहता है तो वह जिला रोजगार ब्यूरो से संपर्क कर सकता है, बशर्ते उसके पास जी.एस.टी नंबर हो।

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