धर्मशाला में लिटिगेशन निगरानी और ई-ऑफिस को लेकर प्रशिक्षण शिविर आयोजित – एडीसी बोले… तकनीक का उपयोग कर अपने कार्य में दक्षता लाएं सभी विभाग

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एएम नाथ।  धर्मशाला, 26 दिसम्बर। सरकारी कार्यालयों में तकनीक के सहयोग से किस प्रकार कार्यक्षमता को बढ़ाया जा सकता है इसके लिए डीसी ऑफिस धर्मशाला में एक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। 26 से 30 दिसम्बर तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में जिला कांगड़ा से संबंध रखने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी पांच दिन तक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ करते हुए आज बृहस्पतिवार को अतिरिक्त उपायुक्त कांगड़ा विनय कुमार ने सभी विभागों के कर्मचारियों को तकनीक के सहयोग से अपने रोजमर्रा के कार्यों में दक्षता लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार ई-ऑफिस सहित सभी विभागीय कार्यों को डिजिटल करने की दिशा में गंभीरता से आगे बढ़ रही है।
बकौल एडीसी, डीसी ऑफिस धर्मशाला में ई-ऑफिस के साथ ई-डिस्पैच व्यवस्था को भी लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने से सभी विभागों को अब ई-मेल के माध्यम से ही निर्धारित पत्राचार करने के लिए कदम उठाने होंगे। डीसी ऑफिस में सेंट्रल डायरी सिस्टम लागू होने के बाद अब किसी भी तरह की हार्ड कॉपी नहीं ली जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सभी विभागों को इस दिशा में आगे बढ़ना होगा जिससे पेपरलैस व्यवस्था तैयार होने के साथ-साथ समय की बचत भी होगी। उन्होंने कहा कि पांच दिन तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में तकनीक के उपयोग से कार्य में निपुणता लाने बारे कर्मचारी अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
लिटिगेशन मोनिटरिंग सिस्टम से जुड़ें सभी विभाग
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि सभी विभागों को मुकदमे निगरानी प्रणाली (लिटिगेशन मोनिटरिंग सिस्टम) से जोड़ना इस प्रशिक्षण शिविर के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि बहुधा ऐसा देखने को मिलता है कि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को विभाग से जुड़े मुकदमों की उपयुक्त जानकारी सही समय पर न मिलने की वजह से मुकदमें लम्बे समय तक लटके रहते हैं। इससे विभाग की कार्यक्षमता पर भी असर पड़ने के साथ समय की भी बर्बादी होती है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तैयार किए गए मुकदमे निगरानी प्रणाली से जुड़कर सभी विभाग अपने मुकदमों, उनसे जुड़ी प्रगति, आगामी तिथियों और संबंधित सभी जानकारियां अपने डैशबोर्ड पर ऑनलाइन हासिल कर सकते हैं। उन्होंने सभी विभागों को लिटिगेशन मोनिटरिंग सिस्टम से प्राथमिकता पर जुड़ने के निर्देश दिए।
डाटा संकलन की गुणवत्ता बढ़ाने पर दें जोर
विनय कुमार ने कहा कि जिला कांगड़ा को जिला सुशासन सूचकांक में लगातार तीन बार प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है तथा पुरस्कार के तौर पर प्रशासन को 50 लाख रुपये भी प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव है जब हमारा डाटा का संकलन अच्छा हो और उसकी गुणवत्ता से हम कोई समझौता न करें। उन्होंने कहा कि डाटा विश्लेषण से उपलब्ध जानकारी सरकार को महत्वपूर्ण मुद्दों की पहचान करने, नीतिगत हस्तक्षेपों को प्राथमिकता देने और विभिन्न नीति विकल्पों के संभावित परिणामों का आकलन करने में सक्षम बनाती है। डाटा विश्लेषण के आधार पर ही योजनाओं का सही आकलन किया जा सकता है तथा उसमें सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि डाटा संकलन सभी विभागों के लिए अत्यंत जरूरी है तथा इसी दिशा में सांख्यिकी विभाग के माध्यम से सभी विभाग अच्छा कार्य करें और इसमें कोई कोताही न बरतें।
आईटी टूल्स और एआई पर दिया प्रशिक्षण
इस दौरान पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान बैजनाथ से आए कंप्यूटर प्रोग्रामर वासुदेव ने विभिन्न आईटी उपकरणों और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के उपयोग बारे विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार विभिन्न आईटी उपकरणों और एआई का उपयोग करके सरकारी कार्यालयों में कार्य की गुणवत्ता को बढ़ाने के साथ समय को बचाया जा सकता है।
यह रहे उपस्थित
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक आयुक्त सुभाष गौतम, जिला सांख्यिकी अधिकारी स्वर्णलता शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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