नई गाड़ी क्यों ली, सरकार को यह भी बताना चाहिए था : राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल

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एएम नाथ । मंडी : राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि नियमों के मुताबिक पुरानी गाड़ी दिल्ली में नहीं चल सकती है। नई गाड़ी क्यों लेनी पड़ी, सरकार को बताना चाहिए था। शनिवार को राजभवन में मीडिया से बात करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह मेरी कोई व्यक्तिगत मांग नहीं थी।

रोक के कारण नया वाहन लेना अनिवार्य हो गया था। प्रदेश में लाॅटरी सिस्टम दोबारा शुरू होने पर बयान देने से परहेज करते हुए उन्होंने इसे प्रशासन और जनता का विषय बताया।

राजभवन से मंडी के लिए राहत सामग्री की गाड़ियों को रवाना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सरकार ने मंडी को क्या मदद दी है, इसकी मेरे पास कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर राहत सामग्री की की और भी जरूरत महसूस होगी तो वह भी भेजी जाएगी। राजभवन राहत सामग्री भेजने में अपने आप में सामर्थ्य रखता है। प्रदेश में आर्थिक संकट के बीच सरकार की ओर से राज्यपाल के लिए 92 लाख रुपये की मर्सिडीज गाड़ी खरीदने को लेकर बीते दिनों कैबिनेट बैठक में फैसला हुआ है।

उद्योग और संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान की ओर से मीडिया को यह जानकारी दी गई थी। सोशल मीडिया पर यह मामला खूब वायरल हो रहा है। इसी बीच अब खुद राज्यपाल ने स्थिति को स्पष्ट किया। शनिवार को राजभवन से उन्होंने मंडी और कुल्लू जिलों के आपदा प्रभावितों के लिए रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से राहत सामग्री रवाना करने के बाद मीडिया से कहा कि दिल्ली में पुराने वाहनों के चलने पर रोक के कारण नया वाहन लेना अनिवार्य हो गया था। संसदीय कार्य मंत्री को यह बताना चाहिए था कि नई कार लेना जरूरी था, यह मेरी कोई व्यक्तिगत मांग नहीं थी। नियमों के मुताबिक पुरानी गाड़ी दिल्ली में नहीं चल सकती थी, इसलिए सरकार ने नई गाड़ी ली है।

सोचना होगा, कैसे हिमाचल के पर्यावरण और जीवनशैली को संतुलित किया जाए
राज्यपाल ने प्रदेश में अवैज्ञानिक ढंग से निर्माण और आपदाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर कहा कि यह चिंता केवल कोर्ट की नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री भी चिंतित हैं। सोचने की जरूरत है कि कैसे हिमाचल के पर्यावरण और जीवनशैली को संतुलित किया जाए। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार लगातार सहायता कर रही है और सभी मिलकर तालमेल से इस संकट का समाधान निकालेंगे। पीएम मोदी ने भी हिमाचल की आपदा पर चिंता जताई है। रहन-सहन में बदलाव करने की बात कही है। आपदा को लेकर केंद्रीय टीम के आकलन के बाद केंद्र सरकार की तरफ से मदद की जाएगी।

मालेगांव घटना पर कोर्ट की फैसले का राज्यपाल ने स्वागत किया है। कहा कि किसी को इसमें आपत्ति नहीं करनी चाहिए। हिंदू धर्म कोई ऐसा धर्म नहीं है, जिस पर सभी लोग आपत्ति करते रहें, यह कोई तरीका नहीं है। नशे को लेकर की गई टिप्पणी पर मुख्यमंत्री की नाराजगी को लेकर राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने नशा निवारण केंद्र स्थापित करने को लेकर टिप्पणी की थी, मुख्यमंत्री किस संदर्भ में कह रहे, उन्हें मालूम नहीं।

 

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