वाली एक मां के 5वें बेटे की गुरु नानक देव अस्पताल अमृतसर में इलाज दौरान आखिरी सांस ली। नशे के कारण गत दिन मौत हो गई। नशे के कारण हुई बेटों की मौत को लेकर उलटा पुलिस मां पर ही झूठ बोलने का आरोप लगाती नजर आई।गौरतलब है कि मोहल्ला पड़ोरी में नशे की बहती नदी के कारण अपने चार बेटों को खोने के बाद मां के पास उम्मीद की एकमात्र किरण उसका पांचवां बेटा बचा था। पंजाब सरकार द्वारा उसके 5वें बेटे की सुध लेने के बाद, प्रशासन और पुलिस प्रशासन अपनी नींद से जागा और पंजाब केसरी में खबर छपने और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद, उसके 5वें बेटे को पहले सिविल अस्पताल सुल्तानपुर लोधी में भर्ती कराया। फिर जब उसकी हालत गंभीर हो गई, तो उसे गुरु नानक मेडिकल अस्पताल अमृतसर रेफर कर दिया गया, जहां शाम को उसकी भी मौत हो गई।
बेटे की मौत की खबर सुनते ही घर में चीख-पुकार मच गई और पूरे मोहल्ले में मातम छा गया। मां की चीख-पुकार ने दीवारें भी हिला दीं और हर कोई परिवार को हिम्मत रखने के लिए कह रहा था। घर के सारे चिराग बुझ जाने के बाद पूर्व पार्षद चरण कमल पिंटा ने घर की मौजूदा हालात और मृतक के डेढ़ साल के मासूम को देखते हुए घर का गुजारा करने के लिए उसकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
जिस घर में आग लगी हो, सेक परिवार को ही पता होता : रोती हुई मां ने कहा कि जिस घर में आग लगी हो, उसका सेक परिवार को ही पता होता है। उसने कहा कि मैं पुलिस का सहयोग करना चाहती हूं लेकिन ऐसे झूठे और गलत बयान देकर क्या पुलिस खुद को सही साबित करना चाहती है? उसने कहा कि यह सही है कि मैंने किसी से शिकायत नहीं की है लेकिन अब मैं चुप नहीं बैठूंगी। उसने कहा कि मैंने अपने 5 बेटे खो दिए हैं और अगर पुलिस किसी और के बेटे को बचा सकती है तो बचा ले, नहीं तो वे पूरी जनता के सामने सब कुछ बयान करेगी। रोती हुई मां बार-बार विलाप करते हुए बेहोश हो रही थी, उसकी तकलीफ देखकर सबका कलेजा कांप उठा।
