पंचायत चुनावों की वोटर लिस्ट में गड़बड़ी : चुनाव आयोग ने 7 पंचायत सचिव और 2 इंस्पेक्टर निलंबित, जांच के आदेश

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हिमाचल के भरमौर व निहरी ब्लॉक में जांच के आदेश

एएम नाथ। शिमला :  हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनावों की तैयारियों के दौरान गंभीर लापरवाही बरतने पर नौ पंचायत अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
आयोग ने यह कार्रवाई उस समय की, जब ग्राम पंचायतों के चुनावी मसौदा रोल (ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल) वर्ष 2025 के बजाय वर्ष 2022 से संबंधित पाए गए। इस लापरवाही को आयोग ने अपनी स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना करार दिया है।
आयोग के आदेश के अनुसार यह मामला जिला मंडी के निहरी विकास खंड और जिला चंबा के भरमौर विकास खंड से जुड़ा है, जहाँ संबंधित पंचायत अधिकारियों द्वारा अद्यतन मतदाता सूचियों के स्थान पर पुराने वर्ष की सूची तैयार की गई थी। आयोग ने कहा कि इस त्रुटि से निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
राज्य निर्वाचन आयोग न आदेश में स्पष्ट कहा है कि आयोग द्वारा समय-समय पर दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन “letter and spirit” में नहीं किया गया।
परिणामस्वरूप संबंधित पंचायतों में मतदाता सूचियों का मसौदा गलत वर्ष के अनुसार तैयार हुआ। आयोग ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की है।
आयोग ने आदेश में कुल 9 अधिकारियों के नाम शामिल किए हैं, जिन पर यह कार्रवाई की गई है। इनमें पंचायत सचिव, पंचायत निरीक्षक और उप-पंचायत निरीक्षक शामिल हैं।

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क्रमांक अधिकारी का नाम पदनाम संबंधित ग्राम पंचायत / विकास खंड

1 बलविंदर सिंह उप-पंचायत निरीक्षक विकास खंड भरमौर
2 नीना देवी पंचायत सचिव ग्राम पंचायत ऑरा, विकास खंड भरमौर
3 गौरव कुमार पंचायत सचिव ग्राम पंचायत बाजोल, विकास खंड भरमौर
4 राकेश कुमार पंचायत सचिव ग्राम पंचायत होली, विकास खंड भरमौर
5 आशीष कुमार पंचायत निरीक्षक विकास खंड निहरी
6 टेक चंद पंचायत सचिव ग्राम पंचायत झुंगी, विकास खंड निहरी
7 ठाकुर दास पंचायत सचिव ग्राम पंचायत बेहली (ड्रुमट), विकास खंड निहरी
8 इंदर सिंह पंचायत सचिव ग्राम पंचायत बोई, विकास खंड निहरी
9 पवन कुमार पंचायत सचिव ग्राम पंचायत शेगल, विकास खंड निहरी।
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मुख्यालय जिला पंचायत अधिकारी के कार्यालय में रहेगा तय

आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि निलंबन अवधि के दौरान सभी अधिकारियों का मुख्यालय उनके संबंधित जिलों के जिला पंचायत अधिकारी (DPO) के कार्यालय में रहेगा। इन अधिकारियों को इस दौरान किसी भी पंचायत कार्य से पूर्ण रूप से अलग रखा जाएगा।
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दो वरिष्ठ अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी

राज्य निर्वाचन आयोग ने इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच (Detailed Inquiry) के आदेश भी जारी किए हैं।
भरमौर ब्लॉक से संबंधित मामलों की जांच अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) भरमौर, जिला चंबा द्वारा की जाएगी।
वहीं निहरी ब्लॉक के मामलों की जांच उप-मंडलाधिकारी (SDM) सुंदरनगर, जिला मंडी को सौंपी गई है।
आयोग ने दोनों जांच अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे मामले की पूरी परिस्थितियों, त्रुटियों के कारणों और निर्देशों की अनदेखी के पीछे की जिम्मेदारी तय करते हुए अपनी रिपोर्ट शीघ्र आयोग को सौंपें।
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या दिशा-निर्देशों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस कारण ऐसे मामलों में शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) नीति अपनाई जाएगी।
यह कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 243-K और हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 160E के तहत की गई है। आयोग ने इसे कानूनी और प्रशासनिक रूप से आवश्यक कदम बताया है ताकि भविष्य में इस प्रकार की त्रुटियों की पुनरावृत्ति न हो।
गौरतलब है कि प्रदेश में पंचायत चुनावों की प्रारंभिक तैयारियाँ जारी हैं और आयोग ने सभी जिलों में मतदाता सूचियों के अद्यतन की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे। ऐसे में संबंधित अधिकारियों की लापरवाही को गंभीर माना जा रहा है।
आयोग ने उम्मीद जताई है कि यह कार्रवाई सभी प्रशासनिक अधिकारियों को एक स्पष्ट संदेश देगी कि निर्वाचन कार्यों में कोताही की कोई गुंजाइश नहीं है।
राज्य निर्वाचन आयोग की इस सख्त कार्रवाई ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव मजबूत रखने के लिए पारदर्शी और त्रुटिरहित चुनावी प्रक्रिया आवश्यक है।
आयोग ने कहा है कि पंचायत चुनाव 2025 की तैयारी समय पर और पूर्ण सटीकता के साथ पूरी की जाएगी, ताकि ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र की भावना सशक्त बनी रहे।

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