नवगठित देहरा हटवाड़ पंचायत कार्यालय का शुभारंभ
एएम नाथ। घुमारवीं (बिलासपुर), 27 जून: प्रदेश सरकार में नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की नवगठित देहरा हटवाड़ पंचायत के कार्यालय का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंचायतें सरकार और जनता के बीच सबसे मजबूत कड़ी हैं। लोकतंत्र की सबसे छोटी इकाई होने के बावजूद पंचायतें ग्रामीण विकास की सबसे सशक्त आधारशिला हैं। उन्होंने नव-निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों से पारदर्शिता, ईमानदारी और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को घर-द्वार पर बेहतर प्रशासनिक एवं विकासात्मक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंचायतों का पुनर्गठन कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने जिला बिलासपुर में कई बड़ी पंचायतों को यथावत रखते हुए छोटे पंचायतों का पुनर्गठन किया था, जबकि वर्तमान सरकार ने लोगों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए हटवाड़, डंगार और मरहाणा जैसी बड़ी पंचायतों को अलग-अलग पंचायतों में विभाजित किया है, ताकि ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर ही बेहतर सेवाएं और योजनाओं का लाभ मिल सके।
राजेश धर्माणी ने घोषणा करते हुए कहा कि जैसे ही देहरा हटवाड़ पंचायत उपयुक्त भूमि उपलब्ध करवाएगी, प्रदेश सरकार यहां लगभग 1 करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त आधुनिक पंचायत भवन का निर्माण करेगी। उन्होंने कहा कि यह भवन पंचायत प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ विभिन्न सरकारी सेवाओं का एकीकृत केंद्र बनेगा।
शिक्षा क्षेत्र में प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य के 100 से अधिक सरकारी विद्यालयों को उन्नत कर अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित करते हुए सीबीएसई से संबद्ध किया गया है। विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पांचवीं और आठवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं पुनः लागू की गई हैं तथा श्नो डिटेंशन पॉलिसीश् समाप्त कर दी गई है। शिक्षकों के क्षमता विकास के लिए सिंगापुर की प्रिंसिपल्स अकादमी के साथ समझौता किया गया है। स्कूलों एवं महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक पुस्तकालय और डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूनेस्को की सिफारिशों के अनुरूप रटने की प्रवृत्ति समाप्त कर व्यावहारिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रणाली विकसित की जा रही है, जिसकी शुरुआत पीएम श्री विद्यालयों से की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बीपीएल चयन के आठवें चरण में पात्रता मानदंडों को अधिक मानवीय बनाया है। अब 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग मुखिया वाले परिवार, ऐसे परिवार जिनके सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम एक दिन कार्य किया है, गंभीर बीमारियों अथवा स्थायी दिव्यांगता से प्रभावित कमाने वाले सदस्य वाले परिवार तथा भूमिहीन परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल किया जाएगा। वहीं आयकरदाता परिवार, सभी स्रोतों से 75 हजार रूपए से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार, एक हेक्टेयर से अधिक भूमि रखने वाले तथा सरकारी, अर्द्धसरकारी अथवा निजी नौकरी करने वाले सदस्य वाले परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर रखा जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में पुरानी मशीनरी को आधुनिक उपकरणों से बदला जा रहा है। आईजीएमसी शिमला में अत्याधुनिक पेट स्कैन मशीन स्थापित की जा चुकी है तथा शीघ्र ही हमीरपुर, नेरचौक और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) के सहयोग से लगभग 3000 करोड़ रूपए की लागत से स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। इसके तहत मेडिकल कॉलेजों एवं प्रमुख अस्पतालों में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं।
राजेश धर्माणी ने कहा कि हिमकेयर योजना के नाम पर पूर्व सरकार में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी जांच वर्तमान सरकार करवा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हिमकेयर योजना के अंतर्गत पांच लाख रूपए तक की स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध है, लेकिन गंभीर बीमारियों के उपचार में यह राशि कई बार पर्याप्त नहीं होती। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार इस योजना का दायरा बढ़ाकर 7 से 10 लाख रूपए तक करने तथा इसे बीमा मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति आर्थिक कारणों से उपचार से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। हटवाड़ क्षेत्र के आसपास विभिन्न सड़कों के सुधार एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। लगभग 20 करोड़ रूपए की लागत से डे-बोर्डिंग स्कूल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 65 से अधिक नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गांवों के समग्र विकास, मजबूत आधारभूत ढांचे और जनकल्याण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है तथा प्रत्येक क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर पंचायत प्रधान मनोज कुमारी, उपप्रधान देशराज, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष चम्बेल सिंह, हटवाड़ पंचायत प्रधान काशीराम, हम्बोट पंचायत प्रधान मति देवी, बीडीसी सदस्य सुभाष चंद्र के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
