नई दिल्ली: पंजाब की राजनीति में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच गठबंधन की संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद भवन में हुई मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों दल अपने पुराने रिश्ते को फिर से मजबूत कर सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी और सुखबीर बादल की मुलाकात के दौरान गठबंधन से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत हुई। हालांकि, दोनों दलों की ओर से अभी तक इस विषय पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
2020 में टूटा था करीब 25 साल पुराना गठबंधन
BJP और SAD के बीच करीब ढाई दशक पुराना गठबंधन साल 2020 में उस समय टूट गया था, जब केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। किसानों के मुद्दे पर असहमति जताते हुए अकाली दल ने नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) से अलग होने का फैसला किया था।
इसके बाद दोनों पार्टियों ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव अलग-अलग लड़े। हालांकि, समय-समय पर दोनों दलों के नेताओं की मुलाकातों ने गठबंधन की संभावनाओं को पूरी तरह खत्म नहीं होने दिया।
गठबंधन से दोनों दलों को मिल सकता है फायदा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि BJP और अकाली दल के दोबारा साथ आने से दोनों पार्टियों को रणनीतिक लाभ मिल सकता है। BJP की पकड़ पंजाब के शहरी इलाकों में मजबूत मानी जाती है, जबकि SAD का पारंपरिक आधार ग्रामीण क्षेत्रों और सिख समुदाय के बीच रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अकाली दल, पंजाब BJP इकाई और RSS के कुछ वर्ग गठबंधन की वापसी के पक्ष में हैं। हालांकि, अंतिम फैसला BJP के केंद्रीय नेतृत्व को लेना है।
सीट बंटवारे पर बाद में होगी चर्चा
सूत्रों का कहना है कि BJP अब पुराने गठबंधन की तरह नहीं, बल्कि बराबरी के आधार पर साझेदारी चाहती है। पहले गठबंधन में BJP को जूनियर पार्टनर की भूमिका में देखा जाता था और अकाली दल का दबदबा अधिक था।
वहीं, अकाली नेताओं का मानना है कि सीट शेयरिंग जैसे मुद्दों पर बातचीत बाद में की जा सकती है। फिलहाल पंजाब की सुरक्षा स्थिति और राज्य के विकास जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने की जरूरत है।
AAP ने गठबंधन की अटकलों पर साधा निशाना
BJP और SAD के संभावित गठबंधन की खबरों के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी प्रतिक्रिया दी है। AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या दोनों पार्टियां फिर से साथ आने की तैयारी कर रही हैं।
उन्होंने लिखा, “क्या दोनों पार्टियां एक साथ आ रही हैं?”
हालांकि, BJP के कई नेता पिछले कुछ समय से यह कहते रहे हैं कि पार्टी 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी अकेले चुनाव लड़ने के इरादे से कर रही है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में BJP और अकाली दल अपने राजनीतिक रिश्तों को लेकर क्या फैसला लेते हैं।
