होशियारपुर/दलजीत अजनोहा : पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद द्वार जारी प्रेस नोट में कहा है कि बेशक पंजाब सरकार ने अब लैंड पूलिंग पॉलिसी को वापस लेने का नोटिफिकेशन करने का फैसला लिया है ,परंतु आम आदमी पार्टी की सरकार का लैंड पूलिंग नीति लाने का फैसला अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण तुगलकी फैसला था। आम आदमी पार्टी के नेता तो समय-समय पर बहुत सी घोषणाएं करके युटर्न लेते रहे हैं तथा समय की जरुरत के अनुसार लोगों को गुमराह करते रहे हैं , परन्तु आम आदमी पार्टी की सरकार के द्वारा भी बहुत से ऐसे फैसले किये गए हैं जिन पर उन्हें यूटर्न लेना पड़ा है। इसका मतलब है कि सरकार बिना सोचे समझे फैसले ले रही है जो कि जनता के हित में नहीं थे। लैंड पुलिंग पॉल्सी की बात करे तो यह फैसला पंजाब सरकार द्वारा दिल्ली के नकारे गए आम आदमी पार्टी नेताओं द्वारा पंजाब में अपनी जेबे भरने के लिए बदनीयति से लिया गया था। इसे किसान हतैषी कह कर किसानों को गुमराह करने की बड़ी कोशिश की गई। पंचायतों से जबरदस्ती पॉल्सी के विरोध में डाले गए प्रस्ताव वापस करवाए गए तथा किसानों को जबरदस्ती लैंड पुलिंग पॉल्सी के पक्ष में ब्यान देने को कहा गया। भारतीय जनता पार्टी तथा पंजाब के किसानों के संगठनों के दबाव के आगे आम आदमी पार्टी को झुकना पड़ा तथा बेशर्मी दिखते हुए यह कह कर फैसले वको वापस लेना पड़ा कि पॉल्सी भी किसानों के हक्क में लाये थे और वापस भी उन के हक्क में कर रहे हैं। जबकि पॉलिसी में ऐसी कोई बात नहीं थी। जो किसानों के हक में हो। श्री सूद के साथ उपस्थित भाजपा नेताओं श्री विजय पठानिया, अश्वनी गैंद, यशपाल शर्मा, कमल वर्मा, राज कुमार, तथा वीरप्रताप राणा ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा लैंड पूलिंग पॉलिसी लाने का तुगलकी फैसला पंजाब को तबाह करने वाला था पंरन्तु भाजपा के दबाव के आगे आम आदमी पार्टी की सरकार को मजबूरन इसे वापस लेना पड़ा।
