चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब मंत्रिमंडल ने शनिवार को ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026’ को मंजूरी दे दी। गुरु ग्रंथ साहिब के खिलाफ किसी भी प्रकार की बेअदबी के लिए इसमें दस साल से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान किया गया है।
इस विधेयक को सोमवार को विधानसभा के विशेष सत्र में पेश किया जाएगा।
बेअदबी के खिलाफ नया कानून लाकर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) न केवल 2015 के बेअदबी मामलों की याद ताजा कर रही है, बल्कि सिख वोटों को अपने पक्ष में मजबूत करने की भी कोशिश कर रही है।
स्वीकृत संशोधनों में दोषी पाए जाने वालों पर 5 लाख से 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान भी है। साथ ही आरोपियों की संपत्ति जब्त करने का रास्ता भी साफ किया गया है। बेअदबी में बोले गए या लिखे गए शब्द, संकेत या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम एवं अन्य तरीके से की गई कोई भी ऐसी अभिव्यक्ति शामिल होगी, जो सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाए।
सूत्रों के अनुसार, जिन व्यक्तियों, संस्थाओं या गुरुद्वारा समितियों को गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप आधिकारिक रूप से दिए गए हैं, वे उनकी सुरक्षा और निर्धारित सिख मर्यादा के पालन के लिए जिम्मेदार होंगे।
यह उल्लेखनीय है कि जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट, 2008 के तहत गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाशन का विशेष अधिकार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को दिया गया था। इस कानून में नये संशोधनों के तहत एसजीपीसी को सभी स्वरूपाें का रिकॉर्ड (मैनुअल और इलेक्ट्रॉनिक) रखना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा, ताकि स्वरूपों के गायब होने जैसे मामलों को रोका जा सके।
राष्ट्रपति की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी : चीमा
राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि चूंकि यह राज्य का कानून है, इसलिए इसे राष्ट्रपति की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी और यह तुरंत लागू हो जाएगा।
