पंजाब में भूजल दोहन में कमी, 95 डार्क जोन ब्लॉकों में सुधार: बलतेज पन्नू

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आप नेता बोले—नहरों के पानी के बढ़ते इस्तेमाल से भूजल पर निर्भरता कम हुई, 4 ब्लॉक सुरक्षित श्रेणी में पहुंचे

चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के राज्य मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा है कि पंजाब में भूजल संकट की स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने ताजा भूजल मूल्यांकन के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि राज्य में भूजल दोहन का स्तर पिछले कुछ वर्षों में कम हुआ है और कई डार्क जोन ब्लॉकों की स्थिति में सुधार दर्ज किया गया है।

सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पन्नू ने इस सुधार का श्रेय भगवंत सिंह मान सरकार की नहरों के पानी के उपयोग को बढ़ाने और भूजल पर निर्भरता कम करने की नीतियों को दिया।

उन्होंने कहा कि राज्य में नहरों के पानी के उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पन्नू के अनुसार, वर्ष 2022 में नहरों के पानी का उपयोग करीब 21 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर लगभग 80 से 82 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

भूजल दोहन 163.80 से घटकर 152.22 प्रतिशत होने का दावा

पन्नू ने दावा किया कि वर्ष 2021-22 में पंजाब में भूजल दोहन का स्तर 163.80 प्रतिशत था, जो 2025 में 156.36 प्रतिशत और 2025-26 में घटकर 152.22 प्रतिशत रह गया। उनके अनुसार, चार वर्षों में 11.58 प्रतिशत अंक का सुधार दर्ज किया गया है।

उन्होंने कहा कि सालाना भूजल निकासी भी करीब 28.01 बिलियन क्यूबिक मीटर से घटकर 26.32 बिलियन क्यूबिक मीटर हो गई है। पन्नू ने कहा कि पंजाब के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य लंबे समय से भूजल के अत्यधिक दोहन की समस्या से जूझ रहा है।

95 डार्क जोन ब्लॉकों में सुधार का दावा

आप नेता ने कहा कि पंजाब के 153 डार्क जोन ब्लॉकों में से 95 ब्लॉकों में सुधार दर्ज किया गया है। उन्होंने दावा किया कि गंभीर श्रेणी वाले ब्लॉकों की संख्या 10 से घटकर 6 रह गई है।

पन्नू के अनुसार, चार ब्लॉक सुरक्षित श्रेणी में पहुंच गए हैं। इनमें फाजिल्का का अरनीवाला, फिरोजपुर का मखू, होशियारपुर का हाजीपुर और पठानकोट का नरोट जैमल सिंह शामिल हैं। इसके अलावा अन्य 14 ब्लॉकों में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज होने का दावा किया गया है।

नहरों के ढांचे को मजबूत करने का दावा

बलतेज पन्नू ने कहा कि सरकार ने नहरों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 14,100 नहरों को चालू किया गया, 400 किलोमीटर से अधिक बंद नहरों की मरम्मत की गई और 1,000 किलोमीटर से अधिक नहरों को पक्का किया गया।

उन्होंने कहा कि भूजल रिचार्ज बढ़ाने के लिए रिचार्ज प्वाइंट भी विकसित किए गए हैं। पन्नू के अनुसार, पंजाब में कुल वार्षिक भूजल रिचार्ज 19.14 बिलियन क्यूबिक मीटर है, जिसमें बारिश और नहरों के पानी का महत्वपूर्ण योगदान है।

विपक्ष से पूछा—सत्ता में रहते पानी का उपयोग क्यों नहीं बढ़ाया?

पन्नू ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारें पंजाब के जल संकट पर केवल राजनीतिक बयानबाजी करती रहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विपक्षी दल सत्ता में थे, तब पंजाब के नहरों के पानी का पूरा उपयोग क्यों नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि पंजाब अभी भी भूजल संकट की गंभीर चुनौती से जूझ रहा है, लेकिन ताजा आंकड़े सही दिशा में बदलाव का संकेत दे रहे हैं। पन्नू ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पंजाब के पानी को बचाना सरकार की प्राथमिकता है।

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