कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिली 207 सीटों की प्रचंड जीत के बाद हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर राज्य का नया मुख्यमंत्री कौन होगा. बीजेपी में आखिरी वक्त तक मुख्यमंत्री के नाम को गुप्त रखे जाने की कल्चर को देखते हुए लोगों की उत्सुकता और भी ज्यादा दिख रही है।
लेकिन सूत्रों के हवाले से पश्चिम बंगाल के नये मुख्यमंत्री का नाम फाइनल होने का दावा किया जा रहा है।
बीजेपी के सूत्र ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष और लगातार दो चुनावों में ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी ही पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं. सूत्र ने साफ तौर पर बताया कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने शुभेंदु अधिकारी के नाम पर सहमत हैं. माना जा रहा है कि गृहमंत्री अमित शाह आज यानी 6 मई को कोलकाता जा सकते हैं. वह यहां नवनिर्वाचित विधायकों से मुलाकात के बाद राज्य के नये मुख्यमंत्री के रूप में शुभेंदु अधिकारी के नाम की घोषणा कर सकते हैं।
बंगाल चुनाव का रिजल्ट आने के बाद गृहमंत्री अमित शाह को पर्यवेक्षक और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन मांझी को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है. बंगाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया है कि 9 मई को रविंद्र नाथ टैगोर की जयंती के मौके पर बीजेपी पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनाएगी।
शुभेंदु अधिकारी क्यों? …शुभेंदु अधिकारी लंबे समत तृणमूल कांग्रेस में रहे हैं. वह ममता बनर्जी के बेहद खास रहे हैं. लेकिन 2021 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वह ममता बनर्जी से नाराज होकर बीजेपी में आ गए. उसके बाद उन्होंने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ जमकर प्रचार किया. यहां तक कि नंदीग्राम सीट पर उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए ममता बनर्जी को चुनाव में हराया. इस बार ममता बनर्जी भवानीपुर से चुनाव लड़ने आईं तो शुभेंदु ने यहां भी नॉमिनेशन किया और उन्हें 15 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है. शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी की सरकार में कई बड़े मंत्रालय संभाल चुके हैं. उन्हें नेता प्रतिपक्ष का भी अनुभव है. ऐसे में मौजूदा बंगाल बीजेपी में वह सरकार चलाने के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार माने जा रहे हैं।
ममता बनर्जी ने सीएम पद छोड़ने से किया इनकार : उधर, चुनाव में महज 80 सीटों पर सिमटने के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार शाम को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी. उन्होंने आरोप लगाया कि वह चुनाव हारी नहीं हैं, उन्हें चुनाव आयोग ने हराया है. बंगाल चुनाव का रिजल्ट जनादेश नहीं बल्कि साजिश है. जानकार मानते हैं कि ममता बनर्जी के इस रवैये का संविधान में कोई उल्लेख नहीं है. ऐसे हालात में राज्यपाल उन्हें बर्खास्त कर सकते हैं।
ममता बनर्जी ने कहा – ‘मैं पद क्यों छोड़ूं? हम हारे नहीं हैं. जनादेश लूटा गया है. इस्तीफे का सवाल ही कहां उठता है? क्योंकि हमारी हार जनता के जनादेश से नहीं बल्कि एक साजिश से हुई है. मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी।
बनर्जी ने वोटो की गिनती में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दावा किया कि लगभग 100 सीटों की लूट हुई है और उनकी पार्टी का मनोबल तोड़ने के लिए वोटो की गिनती की गति जानबूझकर धीमी की गई. उन्होंने कहा, ‘हम बीजेपी से नहीं लड़ रहे थे. हम निर्वाचन आयोग से लड़ रहे थे, जो बीजेपी के लिए काम कर रहा था. मैंने अपने पूरे राजनीतिक करियर में ऐसा चुनाव कभी नहीं देखा ।
