पांगी घाटी को हर मौसम में सड़क संपर्क और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ना जरूरी : सांसद हर्ष महाजन ने उठाई मांग

by

एएम नाथ। नई दिल्ली : सांसद हर्ष महाजन ने राज्यसभा में चंबा जिले की पांगी घाटी के लिए हर मौसम में सड़क संपर्क को लेकर मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि पांगी घाटी को पूरे वर्ष सड़क संपर्क से जोड़ा जाए तो पर्यटन, स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने शुक्रवार को राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की पांगी घाटी के लिए हर मौसम में सड़क संपर्क (ऑल-वेदर कनेक्टिविटी) सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि पांगी घाटी एक जनजातीय बहुल क्षेत्र है, जहां लगभग 25 हजार से अधिक जनजातीय नागरिक निवास करते हैं और जो हर वर्ष करीब आठ महीने तक देश के अन्य हिस्सों से कटे रहते हैं।
उन्होंने कहा कि कमजोर और मौसमी सड़क संपर्क के कारण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच गंभीर रूप से प्रभावित होती है। पांगी घाटी प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत सुंदर क्षेत्र है और यदि इसे पूरे वर्ष सड़क संपर्क से जोड़ा जाए तो पर्यटन, स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
हर्ष महाजन ने चंबा–किलाड़ सड़क को ऑल-वेदर रोड में विकसित करने तथा लगभग 8.5 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित चेनी पास टनल के निर्माण को इस समस्या का स्थायी समाधान बताया। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र की भौगोलिक अलगाव की स्थिति समाप्त होगी और जनजातीय समाज को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने इस मार्ग के सामरिक महत्व पर भी विशेष बल देते हुए कहा कि यह कॉरिडोर राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
वर्तमान में एनएच 154A पठानकोट से चंबा तक जुड़ा है और किलाड़ तक मौसमी सड़क उपलब्ध है, लेकिन लेह की ओर लगभग 52 किलोमीटर का महत्वपूर्ण लिंक अभी विकसित किया जाना शेष है। इस लिंक के पूरा होने पर पठानकोट से लेह की दूरी लगभग 800 किलोमीटर से घटकर करीब 450 किलोमीटर तथा पठानकोट से कारगिल की दूरी लगभग 1000 किलोमीटर से घटकर करीब 550 किलोमीटर रह जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह मार्ग पठानकोट कैंटोनमेंट जैसे महत्वपूर्ण रक्षा केंद्र से प्रारंभ होकर संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों के निकट से गुजरता है। यह मनाली–लेह मार्ग का प्रभावी विकल्प बनेगा, एकल मार्ग पर निर्भरता कम करेगा तथा रक्षा आपूर्ति, आपातकालीन सैन्य तैनाती और मेडिकल एवैक्यूएशन को सशक्त बनाएगा।
राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि चंबा–किलाड़–लेह कॉरिडोर को रणनीतिक रक्षा मार्ग घोषित कर इसके निर्माण एवं विकास का दायित्व बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) को सौंपा जाए, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा और जनजातीय क्षेत्र के विकास- दोनों उद्देश्यों को एक साथ मजबूती मिल सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस परियोजना के पूरा होने से सीमांत क्षेत्रों के नागरिकों का जीवन स्तर सुधरेगा और देश की सामरिक तैयारी भी और अधिक मजबूत होगी।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

8 दिन से लापता युवक की गली-सड़ी लाश मिली, 2 दोस्त गिरफ्तार…हिमाचल प्रदेश में 81 दिन में 21वां मर्डर

रोहित जसवाल  ऊना : . हिमाचल प्रदेश में 2025 के शुरुआती 81 दिन यानी करीब ढाई महीने में प्रदेश में यह 21वां मर्डर  है।  मामला ऊना जिले का है, जहां पर एक लापता युवक...
article-image
हिमाचल प्रदेश

सही मार्गदर्शन के साथ की गई मेहनत सफलता के मुकाम तक ले जाती : DC मुकेश रेपसवाल

एएम नाथ। चम्बा  :  राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान चंबा में 3 जुलाई  को मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसमें उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने मुख्य अतिथि के रूप...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

मंडी में बम की धमकी : डीसी कार्यालय कराया खाली

एएम नाथ। मंडी :  मंडी जिले में बुधवार की सुबह उपायुक्त (डीसी) कार्यालय और उससे सटे अदालत के परिसर को वहां बम रखे होने की धमकी वाला ईमेल मिलने के बाद खाली करा दिया...
article-image
हिमाचल प्रदेश

राज्य कम्प्यूटर शिक्षक संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से की भेंट

एएम नाथ। शिमला : राज्य कम्प्यूटर शिक्षक संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने आज यहां एसोसिएशन की अध्यक्ष सुमन ठाकुर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संगठन...
Translate »
error: Content is protected !!