एएम नाथ। पांगी : चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र पांगी में मौसम के कड़े तेवरों ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। देर रात से जारी भारी बर्फबारी के चलते पूरी पांगी घाटी सफेद चादर में लिपट गई है। हालात यह हैं कि लोगों को घरों में दुबकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। लगातार हो रही बर्फबारी के कारण पांगी का संपर्क शेष विश्व से पूरी तरह कट गया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त होकर रह गया है। सोमवार देर रात से शुरू हुआ बर्फबारी का दौर मंगलवार दोपहर तक लगातार जारी रहा। मौसम के इस रौद्र रूप के चलते घाटी के निचले और ऊपरी दोनों क्षेत्रों में भारी हिमपात दर्ज किया गया है। मंगलवार दोपहर तक उपमंडल मुख्यालय किलाड़, साच, मिंधल, धरवास, फिंडरू, शौर और करयूनी में करीब डेढ़ फीट ताजा हिमपात हो चुका है। वहीं, ऊंचाई वाले क्षेत्र चसग, सुराल, हुडान, शुण और परमार भटौरी में दो फीट के करीब बर्फबारी दर्ज की गई है।
इस बर्फबारी के कारण बिजली और यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है।भारी बर्फ और जगह-जगह हुए भूस्खलन की वजह से 33 केवी की मुख्य विद्युत लाइन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके चलते पूरी घाटी में ब्लैकआउट की स्थिति है और बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। कड़ाके की ठंड में बिजली न होने से लोगों की मुसीबतें दोगुनी हो गई हैं लगातार हो रही बर्फबारी के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पूरी घाटी शीतलहर की चपेट में है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासी केवल राशन और बेहद जरूरी सामान लाने के लिए ही जोखिम उठाकर घरों से बाहर निकल रहे हैं। बर्फ की मोटी परत जमने से घाटी के आंतरिक संपर्क मार्ग भी पूरी तरह अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे वाहनों के पहिए थम गए हैं।
बिगड़ते मौसम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। एसडीएम पांगी अमनदीप ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए घाटी में अलर्ट जारी किया है। उन्होंने बताया कि भारी बर्फबारी के कारण घाटी के सभी मुख्य और संपर्क मार्ग यातायात के लिए पूरी तरह बाधित हो चुके हैं। एसडीएम ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को हिदायत दी है कि वे संवेदनशील स्थानों, ग्लेशियर संभावित क्षेत्रों और भूस्खलन वाले इलाकों की ओर जाने से बचें। साथ ही, जब तक मौसम साफ नहीं होता और रास्ते बहाल नहीं होते, तब तक किसी भी प्रकार की यात्रा न करने की अपील की गई है।
