पीएनबी आरसेटी ऊना में कंस्ट्रक्शन एंड मेसनरी वर्क पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आरंभ

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रोहित जसवाल।  ऊना, 16 अक्तूबर. पंजाब नेशनल बैंक आरसेटी ऊना में ‘कंस्ट्रक्शन एंड मेसनरी वर्क’ विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला गुरुवार को आरंभ हुई। कार्यशाला का शुभारंभ नगर निगम ऊना के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार ने किया।
यह कार्यशाला हिमाचल प्रदेश के विभिन्न आरसेटी संस्थानों से आए अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की गई है।
मनोज कुमार ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में कंस्ट्रक्शन एंड मेसनरी वर्क प्रशिक्षण का यह पहला बैच ऊना से प्रारंभ किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य निर्माण कार्य क्षेत्र में दक्षता और गुणवत्ता को बढ़ावा देते हुए ग्रामीण स्तर पर प्रशिक्षित प्रशिक्षकों की एक सशक्त श्रृंखला तैयार करना है। यह प्रशिक्षण “डोमेन स्किल ट्रेनर एंड सर्टिफिकेशन” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय प्रशिक्षण उपरांत प्रतिभागियों को प्रमाणित प्रशिक्षक के रूप में मान्यता प्राप्त होगी, जिसके पश्चात वे प्रदेश ही नहीं, देशभर में मेसनरी क्षेत्र में प्रशिक्षण देने के पात्र होंगे।
राज्य नियंत्रक आरसेटीज, हिमाचल प्रदेश डॉ. अंबिका साहू ने बताया कि राज्य के सभी जिलों से चयनित प्रतिभागियों को इस प्रशिक्षण में शामिल किया गया है। प्रशिक्षण के उपरांत अभ्यर्थियों का कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट और स्किल टेस्ट विषय विशेषज्ञों द्वारा लिया जाएगा। डॉ. साहू ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में प्रदेश को कुल 1150 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में 10 आरसेटी संचालित हैं, जिनमें प्रत्येक को 150 प्रशिक्षु तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। सफल प्रतिभागियों को रूरल मेसन ट्रेनिंग प्रोग्राम के अंतर्गत प्रमाणित प्रशिक्षक के रूप में पैनल में शामिल किया जाएगा।
मुख्य अग्रणी बैंक प्रबंधक संजीव सक्सेना ने बताया कि पीएनबी आरसेटी ऊना की स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी। अब तक यहां 64 प्रकार की प्रशिक्षण योजनाओं के माध्यम से 372 बैचों में 9845 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इनमें से 2694 अभ्यर्थियों ने बैंकिंग सहायता से तथा 3569 ने बिना क्रेडिट लिंक के स्वयं का व्यवसाय शुरू किया है। संस्थान लगभग 70 प्रतिशत सेटलमेंट रेशो बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि आरसेटी की विशेषता यह है कि प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों का दो वर्षों तक फॉलो-अप किया जाता है, ताकि उन्हें अपने व्यवसाय की स्थापना में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
इस अवसर पर आरसेटी ऊना के निदेशक सुधीर कुमार, डीडीएम नाबार्ड ऊना सबीना राजवंशी, डीपीएम ऊना ज्योति शर्मा, एफएलसी आरबीआई ऊना आर.के. डोगरा, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर पीएनबी आरसेटी आकाश भारद्वाज, नगर निगम ऊना से मनोज कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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