शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर सरकार को घेरा, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की उठाई मांग
एएम नाथ। सोलन : छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर सोमवार को सोलन में पुराने डीसी कार्यालय से पुराने बस स्टैंड तक विरोध रैली निकाली गई। रैली के बाद आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और विभिन्न जनसंगठनों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक, परीक्षा घोटालों, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी, शिक्षा के निजीकरण और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन को सीटू जिला महासचिव मोहित वर्मा, एडवोकेट मनोज वर्मा और पूर्व आईएएस अधिकारी शरभ नेगी ने संबोधित किया। मोहित वर्मा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण शिक्षा व्यवस्था अव्यवस्था का शिकार हो गई है। उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक, परीक्षाओं का रद्द होना, परिणामों में देरी और लंबित भर्तियों से करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने शिक्षा के निजीकरण का विरोध करते हुए कहा कि इससे गरीब और मध्यम वर्ग के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल करना कठिन होता जा रहा है।
एडवोकेट मनोज वर्मा ने कहा कि पेपर लीक और भर्ती घोटाले लाखों युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं, पूर्व आईएएस अधिकारी शरभ नेगी ने कहा कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखना युवाओं के विश्वास के लिए आवश्यक है।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून, समयबद्ध एवं निष्पक्ष परीक्षाएं, जिले या निकटतम जिले में परीक्षा केंद्र, लंबित परिणाम और नियुक्तियां जारी करने, एनटीए को समाप्त कर जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू करने, खाली सरकारी पदों पर नियमित भर्ती तथा शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
