शारजाह जाने के लिए पहुंचे थे यात्री, पंजाब के अधिकतर लोग शामिल; टिकट मुहैया कराने वाले एजेंट की भूमिका की जांच
अमृतसर। श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शारजाह जाने के लिए पहुंचे 16 यात्रियों की टिकटें जांच के दौरान फर्जी पाई गईं। इसके बाद एयरपोर्ट पुलिस ने सभी यात्रियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। करीब 11 घंटे की पूछताछ के बाद सभी को रिहा कर दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी टिकट किसने तैयार कीं और यात्रियों को उपलब्ध कराने के पीछे किसी एजेंट या संगठित नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है।
जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर को दोपहर करीब 12 बजे अमृतसर से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह जाने वाली फ्लाइट में सवार होने से पहले यात्रियों की टिकटों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान 16 यात्रियों की टिकटों पर संदेह हुआ। जांच करने पर टिकटें फर्जी पाई गईं, जिसके बाद सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
रोजगार के लिए विदेश जा रहे थे यात्री
पूछताछ में सामने आया कि सभी यात्री मेहनत-मजदूरी करने के लिए विदेश जा रहे थे। इनमें अधिकतर पंजाब के निवासी बताए जा रहे हैं, जबकि एक-दो यात्री हिमाचल प्रदेश से संबंधित हैं। पुलिस और जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि यात्रियों ने टिकटें कहां से हासिल की थीं और क्या सभी को एक ही एजेंट ने टिकटें उपलब्ध करवाई थीं।
एजेंट के खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी
एयरपोर्ट थाने की एसएचओ कुलजीत कौर के अनुसार, टिकटों की जांच के दौरान संदेह होने पर मामले की पड़ताल शुरू की गई थी। फर्जी टिकटों के संबंध में यात्रियों से पूछताछ की गई। सभी 16 यात्रियों को रात करीब 11 बजे छोड़ दिया गया। एयरपोर्ट इंचार्ज के मुताबिक, टिकटें उपलब्ध कराने वाले एजेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
फिलहाल जांच एजेंसियां टिकटों के स्रोत, संबंधित एजेंट और संभावित नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फर्जी टिकट तैयार करने और यात्रियों तक पहुंचाने में कौन-कौन शामिल था।
