फार्मासिस्ट(एलोपैथी) के भरें जाएंगे 27 पद

by

ऊना, 9 सितंबर: निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, हिमाचल प्रदेश ने फार्मासिस्ट(एलोपैथी) के 27 पद अनुबंध आधार पर बैच बाईज़ अधिसूचित किए हैं। यह जानकारी देते हुए जिला रोजगार अधिकारी अनीता गौतम ने बताया कि फार्मासिस्ट(एलोपैथी) में सामान्य श्रेणी में मार्च 1999 बैच के लिए 11 पद, सामान्य श्रेणी की ईडब्ल्यूएस वर्ग में दिसंबर 1999 बैच के लिए 3 पद, एससी की सामान्य श्रेणी में दिसंबर 2003 बैच के लिए 6 पद, एससी श्रेणी की अन्नतोदय/बीपीएल वर्ग में मार्च 2015 बैच के लिए 1 पद, ओबीसी की सामान्य श्रेणी में सितंबर 2002 बैच के लिए 4 पद, ओबीसी श्रेणी की अंत्योदय/बीपीएल वर्ग में मार्च 2013 बैच के लिए 1 पद व एसटी की सामान्य श्रेणी में दिसंबर 2007 बैच के लिए 1 पद भरा जाएगा।
अनीता गौतम ने बताया कि इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता केंद्र व प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थान से फार्माेसी(एलोपैथी) में डिप्लोमा/डिग्री उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि पदों के लिए आयु 45 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके अलावा एससी, एसटी, ओबीसी व अन्य श्रेणियों के लिए आयु छूट राज्य सरकार के निर्धारित मापदंडों के अनुसार प्रदान की जाएगी। उन्होंने इच्छुक एवं योग्य अभ्यार्थियों से आहवान किया कि वह अपने पंजीकरण कार्ड की प्रतिलिपि अपने नजदीकी रोजगार कार्यालय में 25 सितंबर तक जमा करवाना सुनिश्चित करें।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

समाज के लिए गलत संदेश : आपराधिक प्रवृति के आरोपी को जमानत देना-हाईकोर्ट ने चिट्टा तस्करी के आरोपी की जमानत याचिका कर दी खारिज

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने चिट्टा तस्करी के आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि अगर आपराधिक प्रवृति के आरोपी को जमानत पर रिहा किया गया तो इससे समाज में...
article-image
हिमाचल प्रदेश

जन मंच मुबारिकरपुर में सोमभद्रा उत्पादों का स्टॉल

ऊना। ज़िला ऊना के महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को वर्ष 2021 में सोमभद्रा ब्रांड के अंतर्गत बेहतर पैकिंग और लेबलिंग की सुविधा दी गई है । आज जन मंच...
article-image
हिमाचल प्रदेश

587 लोगों की टीम : GPS से ट्रैकिंग, पहली बार हो रही पहाड़ी गायों की गणना

मंडी. हिमाचल प्रदेश में पहली बार पहाड़ी गायों की अलग से गणना की जा रही है. इससे पहले, प्रदेश में कभी भी पहाड़ी गायों की गणना नहीं की गई है और इसी कारण प्रदेश...
Translate »
error: Content is protected !!