बंकरमैन को “ग्रीन इंडिया अवार्ड 2026” से सम्मानित किया : बेस्ट इंडोर एयर प्यूरिफिकेशन सॉल्यूशन ऑफ द ईयर पुरस्कार प्रदान

by

बद्दी, 9 जून (तारा) : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित वर्ल्ड एनवायरनमेंट कॉन्फ्रेंस 2026 तथा अखिल भारतीय मेयर्स एवं आरडब्ल्यूए समिट 2026 में बंकरमैन बद्दी द्वारा प्रस्तुत की गई उसकी अभिनव एवं क्रांतिकारी डायरेक्ट कार्बन कैप्चर एट नेगेटिव कॉस्ट (डीसीसीएनसी) तकनीक को व्यापक सराहना प्राप्त हुई। इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए बंकरमैन को प्रतिष्ठित “ग्रीन इंडिया अवार्ड 2026” से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार कंपनी को “बेस्ट इंडोर एयर प्यूरिफिकेशन सॉल्यूशन ऑफ द ईयर” श्रेणी में प्रदान किया गया।

यह पुरस्कार उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री डॉ. सोमेन्द्र तोमर द्वारा बंकरमैन के संस्थापक एवं अध्यक्ष मेजर जनरल (डॉ.)
श्रीपाल, वीएसएम (सेवानिवृत्त) को प्रदान किया गया। यह सम्मान इनडोर एयर क्वालिटी प्रबंधन, डायरेक्ट कार्बन कैप्चर, ऊर्जा संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन नियंत्रण के क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक के विकास एवं उपयोग हेतु प्रदान किया गया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मेजर जनरल (डॉ.) श्रीपाल ने कहा कि वातावरण में लगातार बढ़ती कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन का प्रमुख कारण है। उन्होंने बताया कि जहाँ विश्व के अनेक वैज्ञानिक अभी भी प्रत्यक्ष कार्बन कैप्चर की लागत को 300 से 600 अमेरिकी डॉलर प्रति मीट्रिक टन CO₂ तक कम करने के प्रयास में लगे हैं, वहीं भारत की बंकरमैन ने इस लागत को न केवल शून्य बल्कि “नेगेटिव कॉस्ट” तक पहुँचाने में सफलता प्राप्त की है।

उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि एयर-कंडीशनिंग प्रणालियों के साथ डीसीसीएनसी तकनीक के एकीकरण से संभव हुई है। इस तकनीक के प्रयोग से भवनों में प्रचलित 4 से 12 एयर चेंजेज प्रति घंटा (एसीएच) की आवश्यकता को काफी हद तक कम किया जा सकता है। परिणामस्वरूप एयर-कंडीशनिंग संयंत्र की स्थापित क्षमता तथा प्रारंभिक लागत में 40 से 50 प्रतिशत तक कमी आती है। साथ ही बिजली की खपत एवं संचालन व्यय में भी 40 से 50 प्रतिशत तक बचत होती है, जिससे नई तकनीक की लागत आसानी से समाहित हो जाती है।

डॉ. श्रीपाल ने बताया कि इस तकनीक पर आधारित पायलट परियोजना पिछले लगभग दो वर्षों से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की गुवाहाटी रिफाइनरी में सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। इसके उत्साहजनक परिणामों के आधार पर देश की कई अन्य परियोजनाओं में भी इसे अपनाया जा रहा है।

उन्होंने ग्रेट निकोबार द्वीप की प्रस्तावित रणनीतिक परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि डीसीसीएनसी तकनीक अपनाने पर वहाँ होने वाली पर्यावरणीय क्षति की भरपाई कई गुना अधिक की जा सकती है। उनके अनुसार यह तकनीक वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड तथा अन्य प्रदूषकों को अवशोषित कर उन्हें खनिज-समृद्ध जैविक खाद (एमआरओएम ) में परिवर्तित करती है। प्रस्तुत गणनाओं के अनुसार यह परियोजना 2.15 करोड़ से अधिक वृक्षों के बराबर पर्यावरणीय लाभ प्रदान कर सकती है। इसके अतिरिक्त एयर-कंडीशनिंग ऊर्जा बचत से लगभग 700 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष तथा कार्बन क्रेडिट से 100 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक आय प्राप्त हो सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यदि बड़े वातानुकूलित भवनों में डीसीसीएनसी तकनीक को अपनाया जाए तो प्रतिवर्ष लगभग 7,000 करोड़ रुपये की बिजली बचत तथा लगभग 1,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय कार्बन क्रेडिट के रूप में अर्जित की जा सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति तथा अन्य राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उन्नत कार्बन कैप्चर एवं इनडोर एयर शुद्धिकरण तकनीकों को बढ़ावा देने हेतु उपयुक्त दिशा-निर्देश तैयार करें।

मेजर जनरल (डॉ.) श्रीपाल ने डीसीसीएनसी को “भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक क्रांतिकारी एवं गेम-चेंजर तकनीक” बताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हम भवनों की डिजाइन और संचालन की वर्तमान सोच पर पुनर्विचार करें। ऐसी तकनीकें जो इनडोर वायु गुणवत्ता में सुधार करते हुए ऊर्जा खपत को कम करें, अब विकल्प नहीं बल्कि सतत भविष्य की अनिवार्यता बन चुकी हैं।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

24 जनवरी तक मनाया जाएगा राष्ट्रीय बालिका सप्ताह : विनोद कुमार गौतम

 सोलन :  बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा समाज में विकास के लिए समान अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से 24 जनवरी, 2024 तक ज़िला सोलन में राष्ट्रीय बालिका सप्ताह मनाया...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मौसम के पूर्वानुमान की आम जनमानस तक पहुंचाई जाएगी जानकारी: डीसी हेमराज बैरवा

मानसून के सीजन से पहले आपदा से बचाव के लिए प्रशासन सतर्क,  दुर्गम क्षेत्रों में राशन तथा आवश्यक दवाइयां पहुंचाने के दिए निर्देश एएम नाथ। धर्मशाला, 09 जून – उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा...
article-image
हिमाचल प्रदेश

बंगाणा कॉलेज में छात्राओं ने सीखे आत्मरक्षा के गुर : ‘सामर्थ्य’ के तहत लगा 7 दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण कैंप संपन्न

रोहित भदसाली। बंगाणा (ऊना), 8 अक्तूबर। ऊना जिले की महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण को समर्पित जिला प्रशासन की खास पहल ‘सामर्थ्य’ के तहत अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय बंगाणा में छात्राओं को आत्मरक्षा...
article-image
हिमाचल प्रदेश

घर के बाहर खड़ा ट्राला चोरी : CCTV कैमरे में चोरी की यह वारदात कैप्चर

अंब : उपमंडल के गांव टिब्बी से चोर घर के बाहर खड़े एक ट्राले को चोरी करके ले गए। पुलिस ने ट्राला चालक की शिकायत के आधार पर अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज...
Translate »
error: Content is protected !!