बातचीत शुरू, पर यूनियन का संघर्ष जारी
एएम नाथ। सुरंगानी (चंबा) :बैरा स्यूल परियोजना, सुरंगानी में बैरा स्यूल प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन (सीटू) के बैनर तले श्री दुनी चंद की नौकरी की बहाली की मांग को लेकर चल रहा धरना-प्रदर्शन सोमवार को सातवें दिन भी जारी रहा। मजदूरों का आक्रोश कम होने के बजाय लगातार बढ़ता नजर आ रहा है और यूनियन ने साफ संकेत दिए हैं कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सोमवार को आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत एक बड़ी गेट मीटिंग से हुई, जिसमें 150 से अधिक मजदूरों ने भाग लिया। इस दौरान मजदूरों ने एकजुटता का परिचय देते हुए अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। गेट मीटिंग के बाद मजदूरों ने परियोजना गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया और प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
धरने में सीटू जिला कमेटी के महासचिव सुदेश ठाकुर और अध्यक्ष नरेंद्र विरुद्ध विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक कर्मचारी की बहाली का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह श्रमिक अधिकारों और सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने मजदूरों से संगठित रहकर संघर्ष को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
यूनियन के महासचिव कुशल ठाकुर ने अपने संबोधन में एनएचपीसी प्रबंधन पर मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कंपनी की मनमानी के खिलाफ अब अन्य परियोजनाओं में भी आवाज उठने लगी है और मजदूर एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि आज प्रबंधन की ओर से बातचीत के लिए पहल की गई है, लेकिन यदि यूनियन की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में चक्का जाम और हड़ताल जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
यूनियन ने स्पष्ट किया कि श्री दुनी चंद की नौकरी की बहाली उनकी प्राथमिक मांग है और जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
