होशियारपुर, 24 दिसंबर: समाजिक सुरक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार दिनांक 27 नवंबर 2025 से 8 मार्च 2026 तक चलाए जा रहे बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जिला होशियारपुर में जागरूकता गतिविधियां लगातार जारी हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी गगनदीप सिंह के नेतृत्व में जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रतिदिन बाल विवाह मुक्त अभियान मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में 24 दिसंबर 2025 को गांव अजड़ाम, ब्लॉक होशियारपुर-1, जिला होशियारपुर में आंगनवाड़ी केंद्रों एवं सरकारी स्कूलों के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
पंजाब सरकार द्वारा राज्य में बाल विवाह की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने और इस गंभीर सामाजिक बुराई के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसे महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग और सामाजिक न्याय विभाग के संयुक्त सहयोग से चलाया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह एक सामाजिक अपराध होने के साथ-साथ कानून का गंभीर उल्लंघन भी है। बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह पूरी तरह से गैर-कानूनी है तथा ऐसे विवाह में शामिल माता-पिता, रिश्तेदार, पंचायत सदस्य और पंडित/काजी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
जिले के विभिन्न गांवों में आशा वर्करों, आंगनवाड़ी कर्मचारियों और स्कूल प्रबंधन की सहायता से बाल विवाह के दुष्परिणामों को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही नागरिकों को बाल विवाह संबंधी किसी भी सूचना के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जहां प्राप्त प्रत्येक सूचना को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह न केवल बच्चों के भविष्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक विकास पर भी गहरा नकारात्मक प्रभाव डालता है।
