बिना स्नान किए पहली बार वापस लौटे शंकराचार्य, प्रयाग से काशी हुए रवाना, संगम छोड़ने से पहले कही ये बड़ी बात

by

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बुधवार सुबह माघ मेला अचानक छोड़ दिया। प्रयागराज में माघ मेले में चल रहे धरने के 11वें दिन उन्होंने काशी के लिए प्रस्थान किया।

मौनी अमावस्या के दिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से हुए विवाद के बाद उन्होंने संगम में स्नान नहीं किया था और इसके बाद से अपने शिविर भी नहीं गए थे। बीते दस दिनों से वे शिविर के बाहर धरने पर बैठे हुए थे।

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार देर रात समर्थकों से बातचीत के बाद शंकराचार्य ने माघ मेला छोड़ने का निर्णय लिया। यह पहला अवसर है जब माघ मेले में आने के बाद वे बिना संगम स्नान किए वापस लौटे हैं। माघ मेला छोड़ने से पहले उन्होंने कहा कि उन्होंने अन्याय का विरोध किया है और अब न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

भारी मन से लौटना पड़ रहा

उन्होंने कहा, प्रयागराज की धरती पर लोग आध्यात्मिक शांति के लिए आते हैं, लेकिन आज उन्हें भारी मन और ऐसी पीड़ा के साथ लौटना पड़ रहा है जिसकी उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी। उन्होंने कहा कि संगम में स्नान केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि आत्मिक संतोष का मार्ग होता है। लेकिन आज मन इतना व्यथित है कि इस संकल्प को अधूरा छोड़कर जाना पड़ रहा है। जब हृदय क्षोभ और ग्लानि से भरा हो, तो पवित्र जल की शीतलता भी अर्थहीन हो जाती है।

शंकराचार्य ने कहा कि वे समाज, सनातन धर्म के अनुयायियों, मेला प्राधिकरण और शासन तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि वे प्रयाग से लौट जरूर रहे हैं, लेकिन अपने पीछे सत्य की गूंज और कई अनुत्तरित प्रश्न छोड़कर जा रहे हैं, जो न केवल प्रयाग की हवा में बल्कि पूरे विश्व के वायुमंडल में मौजूद रहेंगे और उत्तर की प्रतीक्षा करेंगे।

संतों के साथ हुए अन्याय और अत्याचार :  इससे एक दिन पहले, विरोध के दसवें दिन मंगलवार को उन्होंने कहा था कि वे माघ मेला छोड़कर नहीं जाएंगे, क्योंकि उनके जाने पर तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जाएंगी। उन्होंने कहा था कि संतों के साथ हुए अन्याय और अत्याचार के विरोध में वे माघ मास मेला समाप्त होने तक धरने पर बैठे रहेंगे। इतने दिनों बाद भी किसी अधिकारी या कर्मचारी के न आने से यह स्पष्ट हो गया है कि यह घटना किसी प्रशासनिक भूल का नहीं, बल्कि सत्ता के इशारे पर की गई कार्रवाई का परिणाम है।

अपनी हत्या की आशंका जताई :  आचार्य ने अपनी हत्या की आशंका भी जताई। उन्होंने कहा कि यदि उनकी हत्या होती है तो भी दोष उन्हीं पर मढ़ दिया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि बीते महाकुंभ में हुई मौतों के लिए आज तक किस अधिकारी या कर्मचारी को जिम्मेदार ठहराया गया। उन्होंने कहा कि उनकी मृत्यु होने पर भी कुछ दिनों तक मीडिया में चर्चा होगी और बाद में उन्हें ही दोषी ठहरा दिया जाएगा। इन सभी आशंकाओं के बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भयभीत होकर गोरक्षा और सनातन धर्म की आवाज उठाना बंद नहीं करेंगे।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , समाचार , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

6,839 करोड़ रुपये अभी भी जनता के पास -2,000 रुपये के 98% नोट वापस आए RBI के पास

नई दिल्ली  : भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को कहा कि 2,000 रुपये के 98.08 प्रतिशत नोट बैंकिंग प्रणाली में वापस आ गए हैं और केवल 6,839 करोड़ रुपये मूल्य के ऐसे नोट अब...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

73 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी : शातिरों ने व्हाट्सएप कॉल के जरिये शिकायतकर्ता को 12 घंटे तक घर में रखा डिजिटल अरेस्ट

रोहित भदसाली।  हमीरपुर : जिला हमीरपुर के एक सेवानिवृत्त एचएएस अफसर से 73 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। शातिरों ने सीबीआई अफसर बनकर ठगी को अंजाम दिया। सेवानिवृत्त अधिकारी...
article-image
पंजाब

पंजाब भर के स्कूलों से ‘सुपर 5000’ बच्चों का चयन किया जाएगा : यनित विद्यार्थियों को ‘जापान-एशिया यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम इन साइंस’ के लिए जापान भेजने की योजना

चंडीगढ़  : पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए बड़ी घोषणा की है। अब पंजाब भर के स्कूलों से ‘सुपर 5000’ बच्चों का चयन किया जाएगा। जिन्हें साइंस प्रोग्राम...
article-image
हिमाचल प्रदेश

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बस में यात्रा कर जानी लोगों की समस्याएं करीब 5 किलोमीटर के सफर में यात्रियों से किया संवाद

ऊना : उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कुटलैहड़ के पिपलू के साथ लगते जटेहड़ी में बस में यात्रा कर लोगों की समस्याएं जानी। करीब 5 किलोमीटर की यात्रा बस द्वारा कर उन्होंनें लोगों से सीधा...
Translate »
error: Content is protected !!