बीयर सीमित मात्रा में पीने से हेल्थ के लिए फायदेमंद : जानिए बीयर के फायदे और बीयर होती कइने प्रकार की …

by

 दुनियाभर में बीयर पीने का ट्रेंड पश्चिमी देशों से शुरू हुआ है। जो धीरे-धीरे दुनियाभर में फैल गया है। हालांकि बीयर में अल्कोहल की मात्रा  कम पाई जाती है। वहीं इसे सीमित मात्रा में पीने से हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है।

स्पेशल बीयर डे पर जानिए क्या है इसका इतिहास :  एक रिपोर्ट के मुताबिक 7 अप्रैल को को सेलिब्रेट करने की शुरूआत अमेरिका से हुई थी। साल 1933 में कुलेन-हैरिसन अधिनियम द्वारा कानून में संशोधन किया गया था, जिससे हल्की बीयर  के उत्पादन की अनुमति देने के लिए सीमा को बढ़ाया जा सके। वहीं कानून पर हस्ताक्षर करने पर अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन रूजवेल्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि “मुझे लगता है कि यह बियर के लिए एक अच्छा समय होगा।’ जानकारी के मुताबिक ये पहली बार था जब अमेरिकी लोगों ने वैध तरीके से बियर पीना शुरू किया था।

बियर के फायदे : –

किडनी स्टोन –   एक शोध के मुताबिक जिन लोगों ने रोजाना एक Beer पिया है, उनमें किडनी स्टोन का खतरा 40 फीसदी तक कम हो गया है। वहीं बियर पीने से गुर्दे की पथरी को विकसित होने से रोका जा सकता है। इसका कारण ये है कि बियर में पानी और शराब दोनों होती हैं, जिससे यूरिन पतला होता है।

हड्डियां मजबूत –  बियर में सिलिकॉन नाम का तत्व भरपूर मात्रा में होता है। इससे हड्डियों को विकसित होने में मदद मिलती है। दिन में एक ग्लास बियर पीने से हड्डियां मजबूत हो सकती है, लेकिन ज्यादा मात्रा में पीना खतरनाक भी हो सकता है।

कोलेस्ट्रॉल –   बियर आपके कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल करता है। जिससे आपका दिल हेल्दी रहता है। यह घुलनशील फाइबर एलडीएल या खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है।

बीयर के प्रकार :- 

एले –   ये फुल-बॉडी वाले होते हैं और इन्हें फलों और मसालों से मिलकर बनाया जाता है।

लागर – यह बीयर अपने क्रिस्पिनेस के लिए जानी जाती है और ये बेहद रिफ्रेशिंग होती है।

माल्ट –  माल्ट कैरमल, टॉफी और नट्स से मिलकर बनाया जाता है, जो कि इसे मीठा बनाता है। यह नए और बहुत कम पीने वालों के लिए एकदम सही है।

स्टाउट –   इस तरह की बीयर काफी हार्ड होती है, क्योंकि इसमें भुना हुआ जौ होता है। इसका स्वाद काफी कड़वा होता है। यह बीयर पीने वालों के लिए एकदम सही है।

एम्बर –  इसमें जौ की खुशबू और कैरमल मिक्चर होता है।

ब्लॉन्ड –   यह पीले रंग की होती है। इस तरह की बीयर आमतौर पर बहुत क्रिस्प और ड्राई होती है और इसमें हल्की मात्रा में कड़वाहट और मीठापन होता है।

व्हीट –  पीने के लिए यह सबसे आसान बीयर में से एक है। इसका स्वाद बहुत सॉफ्ट होता है। इसमें हल्का मसाला होता है। ये हेजी और क्लाउडेड होती है।

ब्राउन –   इस तरह की बीयर में ज्यादा साइट्रस होता है, जिसकी वजह से ये खुशबूदार और स्वाद से भरपूर होती है। यह नट्स, कैरमल, चॉकलेट और अन्य कई चीजों से मिलकर बनती है। इसे खास जगह पर बनाया जाता है।

डार्क –   यह ब्रिटिश स्टाइल की बीयर है। इसमें हॉप्स, खमीर और कई तरह के अनाज का मिश्रण मौजूद होता है और यह ब्राउन चेस्टब्यूट कलर में आता है और इसमें फल की सुगंध होती है।

स्ट्रॉन्ग –   यह गहरे रंग और कभी-कभी काले रंग में उपलब्ध होती है। इसमें एले से लेकर जौ वाइन तक सब कुछ शामिल हो सकता है। इसमें अल्कोहल की मात्रा बहुत ज्यादा होती है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

श्रद्धालू वाल वाल बचे, आधा दर्जन श्रद्धालु मामूली घायल : श्री गुरु रविदास जी के तपोस्थल खुरालगढ़ साहिब में माथा टेक कर वापिस आ रही संगत की पिकअप अनियत्रिंत होकर पहाड़ी के नीचे लुढ़की

गढ़शंकर : श्री गुरु रविदास जी के तपोस्थल खुरालगढ़ साहिब में माथा टेक कर श्रद्धालू पिकअप में वापिस जा रहे थे तो गढीमानसोवाल में पहाड़ी में अनियत्रित होकर पहाड़ी के नीचे को लुटक गई।...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मतदान केंद्रों के युक्तिकरण पर बैठक आयोजित

एएम नाथ। चम्बा : भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत जिला चम्बा में मतदान केंद्रों के युक्तिकरण 2025 के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त...
article-image
पंजाब , समाचार , हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के निर्णय – सफेदा,पापुलर और बांस तथा खैर व अन्य पेड़ों की कटाई पर प्रतिबंध

एएम नाथ। शिमला :  मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की। मंत्रिमंडल ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनकी...
article-image
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

मुसलमानों की विरासत को बचाने की कोशिश या धार्मिक हस्तक्षेप….? जानिए वक्फ अधिनियम 2025 में क्या है सच्चाई?

देशभर में अधिनियम 2025 का संशोधन पर  तीखी बहस और गहमागहमी का कारण बन गया है. कुछ लोग इसे मुसलमानों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप और सांप्रदायिक स्वतंत्रता पर खतरा बता रहे हैं, तो...
Translate »
error: Content is protected !!