मंडी जिला में 479 निराश्रित बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ स्टेट का दर्जा : एडीसी बोलीं सुखाश्रय योजना में बच्चों की होगी समुचित देखभाल

by

मंडी 4 अगस्त। मंडी जिले में 479 निराश्रित बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ स्टेट’ का दर्जा दिया गया है। प्रदेश सरकार की सुखाश्रय योजना के अंतर्गत उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित की जाएगी।
यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) मंडी निवेदिता नेगी ने सुखाश्रय योजना के तहत गठित जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
बता दें, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के निराश्रित बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ स्टेट का दर्जा दिया है। इसके अंतर्गत सरकार अभिभावक के रूप में असहाय,अनाथ,निराश्रित बच्चों की उचित देखभाल सुनिश्चित करेगी।
निवेदिता नेगी ने बताया कि सुखाश्रय योजना के अन्तर्गत जिला में पूर्ण अनाथ बच्चों का सर्वे करवाया गया था। जिसमें चौंतड़ा परियोजना क्षेत्र में 46, द्रंग में 77, धर्मपुर में 38 गोहर में 33, गोपालपुर में 58, करसोग में 51, रिवालसर में 29, मंडी सदर में 66 , सिराज में 38 ओर सुन्दरनगर में 43 अनाथों को चिन्हित किया गया है। विभिन्न बालश्रमों तथा चाइल्ड केयर संस्थानों तथा अन्य जगहों पर जीवन यापन कर रहे यह अनाथ बच्चे इस योजना से प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप योजना सुखाश्रय में लाभान्वित होंगे।
हरेक बच्चे के लिए होगा एक संरक्षक
प्रतिष्ठित व्यक्तियों का लेंगे सहयोग, तैयार की जा रही सूची
एडीसी ने बताया कि सुखाश्रय योेजना में हरेक बच्चे के लिए एक संरक्षक रहेगा । इसके लिए जिला बाल संरक्षण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और जन प्रतिनिधियों के परामर्श से समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों की एक सूची तैयार करेंगे जो बाल देखभाल संस्थानों के बच्चों के संरक्षक के रूप में कार्य करेंगे। संरक्षक को महीने में एक बार बच्चे से मिलने की अनुमति होगी।
एडीसी ने इस दौरान सुखाश्रय योजना में अनाथ बच्चों की खून, आंखों और दांतों की नियमित जांच करवाने और उनकी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए। इसे लेकर बाल देखभाल संस्थानों के नजदीक सर्वश्रेष्ठ स्कूलों में ईडब्ल्यूएस कोटा के तहत बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में योजना के लागू करने के लिए जरूरी बजट, विवाह अनुदान, सामाजिक सुरक्षा, भूमि का आवंटन, राज्य के बाहर शैक्षिक यात्राएं, उच्च शिक्षा, स्वरोजगार सहायता बारे भी चर्चा की गई।
बैठक में कार्यकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी कुन्दन हाजरी, जिला कल्याण अधिकारी समीर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी समिति के सदस्य मौजूद रहे

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

एक डॉक्टर : 30 लाख कमाई और इनकम 14 सालों में 4.2 करोड़ के बजाय 20 करोड़ रुपये मिली : एसीबी ने डॉक्टर से बैंक से डिटेल मांगी

 झुंझुनूं  : राजस्थान के झुंझुनूं में एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले पर बड़ी कार्रवाई की। एमएमएस मेडिकल कॉलेज के ऑफिसर डॉ. रंजन लांबा के पास आय से अधिक संपत्ति के मामले...
article-image
हिमाचल प्रदेश

जिला स्तरीय लोकनृत्य प्रतियोगिता 13 फरवरी को अखण्ड चंडी पैलिस दरबार हाल की जाएगी आयोजित : जिला भाषा अधिकारी तुकेश शर्मा

एएम नाथ। चम्बा 9 फरवरी :   भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला चंबा द्वारा जिला स्तरीय लोकनृत्य प्रतियोगिता का आयोजन अखण्ड चंडी पैलिस दरबार हॉल चम्बा में  13 फरवरी,2024 को किया जा रहा है।  इस...
article-image
हिमाचल प्रदेश

राजस्व विभाग से संबंधित लंबित मामलों को न्यूनतम समय में निपटाएं अधिकारी – DC जतिन लाल

ऊना, 14 फरवरी – जिला ऊना में राजस्व विभाग से संबंधित मामलों को सभी अधिकारी न्यूनतम समय अवधि में पूरा करना सुनिश्चित करें ताकि आम व्यक्ति के समय व धन की बचत हो सके।...
article-image
हिमाचल प्रदेश

लोक अदालत में कुल 8477 मामलों की हुई सुनवाई

 सोलन :  ज़िला सोलन के सभी न्यायालयों में आज राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इन लोक अदालतों का आयोजन ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यवाहक अध्यक्ष एवं अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश...
Translate »
error: Content is protected !!