महिला जज के गनमैन ने खुद को मारी गोली: कार में मिली खून से लथपथ लाश

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मोहाली :  डेराबस्सी में कार में एक व्यक्ति की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। घटना बुधवार रात की है। डेराबस्सी में सब-डिवीजनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (एसडीजेएम) के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) के रूप में तैनात पंजाब पुलिस के हेड कांस्टेबल ने बुधवार देर शाम सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस ने बताया कि लॉक कार के अंदर पुलिसकर्मी का गोलियों से छलनी और खून से सना शव कार के अंदर से मिला। गोली माथे के बीचोंबीच लगी थी।

हेड कांस्टेबल हरजीत सिंह (34) डेराबस्सी के सुंडरा गांव का रहने वाला था। मृतक हरजीत सिंह जिस महिला जज का पीएसओ था, वह हैबतपुर रोड स्थित एटीएस विला सोसायटी में रहती है। यहीं कार में हरजीत सिंह का शव मिला। मृतक का दस साल का एक बेटा है। हरजीत सिंह 2012 में पंजाब पुलिस में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुआ था। मृतक इकलौता बेटा था। उसकी एक छोटी बहन है। पुलिस ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। बुधवार दोपहर दो बजे वह महिला जज के बच्चों को स्कूल से लेकर आया था, जिसके बाद उसे शाम 4 बजे डेराबस्सी कोर्ट पहुंचना था ताकि छुट्टी के बाद जज को घर ले जा सके।

डीएसपी बोले- कार का इंजन चालू और अंदर से लाॅक थीए शीशा तोड़ा गया
घटना की पुष्टि करते हुए डेराबस्सी के डीएसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़ ने कहा कि पुलिस को जज का फोन आया था कि उनका पीएसओ उनकी बेटी को कहीं छोड़ने गया था, लेकिन अब उसका फोन बंद है और वह घर नहीं लौटा है। डेराबस्सी एसएचओ के बाद वे पीएसओ की तलाश में गए, लेकिन बाद में पुलिस को घटनास्थल के पास रहने वाले चंडीगढ़ पुलिस के एक कांस्टेबल ने सूचना दी कि उसने एक कार के अंदर पुलिस अधिकारी को मृत देखा है। मौके पर पहुंचने पर डीएसपी ने बताया कि उन्होंने देखा कि कार का इंजन चालू था और कार अंदर से लॉक थी, इसलिए पुलिस टीम को दरवाजा खोलने के लिए खिड़की का शीशा तोड़ना पड़ा। उन्होंने देखा कि पीएसओ ने अपने माथे के बीचोंबीच गोली मार ली थी। कार के अंदर से .9 एमएम की सर्विस रिवॉल्वर भी पुलिस ने बरामद की है। मृतक के चाचा के बेटे जशन का कहना है कि उसे ऐसी कोई समस्या नहीं थीए जिसके कारण उसने आत्महत्या की हो।

मृदुभाषी और सज्जन व्यक्ति थे हरजीत सिंह
डीएसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़ ने कहा कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि हरजीत सिंह मृदुभाषी और सज्जन व्यक्ति थे और उनमें कभी भी अवसाद या तनाव के कोई लक्षण नहीं दिखे। डेराबस्सी में पदभार ग्रहण करने से पहले वह कई न्यायाधीशों के पीएसओ के रूप में काम कर चुके थे। पुलिस ने बताया कि उनके परिवारवालों को सूचित कर दिया गया है और फाॅरेंसिक जांच के लिए उनका मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया गया है। फिलहाल पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है, लेकिन मामले की जांच जारी है।

 

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