संगरूर में पहले फूड पॉइजनिंग का शक, जांच में मिठाई में खरपतवारनाशक मिलाने की बात सामने आई; मां गिरफ्तार, कथित साथी फरार
संगरूर। रक्षाबंधन के दिन बाजार से लाई गई मिठाई खाने के बाद तीन मासूम बच्चों की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। शुरुआत में इसे फूड पॉइजनिंग का मामला माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच में मिठाई में कथित तौर पर जहरीला पदार्थ मिलाए जाने की बात सामने आने के बाद मामला हत्या और आपराधिक साजिश की दिशा में आगे बढ़ा है। पुलिस ने बच्चों की मां लवप्रीत कौर को गिरफ्तार किया है, जबकि मामले में नामजद उसके कथित साथी हरजीत सिंह की तलाश जारी है।
मृत बच्चों की पहचान छह वर्षीय जसनूर कौर, पांच वर्षीय अरमानदीप सिंह और ढाई वर्षीय रिहानदीप सिंह के रूप में हुई है। बताया गया कि रक्षाबंधन के दिन बच्चों ने बाजार से लाई गई मिठाई खाई थी। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गई।
दूसरे लोगों के बीमार न पड़ने से उठे सवाल
शुरुआत में परिवार की ओर से बच्चों की मौत को फूड पॉइजनिंग से जोड़कर देखा गया। बच्चों के पिता एवं ट्रक चालक कुलविंदर सिंह की शिकायत के आधार पर भी शुरुआती जांच इसी दिशा में आगे बढ़ी।
जांच के दौरान पुलिस को कुछ परिस्थितियां संदिग्ध लगीं। जिस दुकान से मिठाई खरीदी गई थी, वहां से मिठाई खाने वाले अन्य लोगों के बीमार होने की सूचना नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने इस संभावना की जांच शुरू की कि बच्चों की तबीयत खराब होने के पीछे केवल सामान्य खाद्य विषाक्तता ही कारण थी या कोई अन्य वजह।
मिठाई में खरपतवारनाशक मिलाने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि बच्चों को दी गई मिठाई में कथित तौर पर खरपतवारनाशक (weedicide) मिलाया गया था। इसके बाद मामले को हत्या और आपराधिक साजिश के तौर पर जांच में शामिल किया गया। मिठाई सहित अन्य साक्ष्यों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि जहरीले पदार्थ की मौजूदगी और उसकी भूमिका की वैज्ञानिक पुष्टि हो सके।
इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क का दावा
संगरूर पुलिस के अनुसार जांच में लवप्रीत कौर और हरजीत सिंह के बीच कथित संबंध होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का दावा है कि दोनों की पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि बच्चों को कथित तौर पर रास्ते से हटाने की साजिश में दोनों की क्या भूमिका थी।
पुलिस ने लवप्रीत कौर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हरजीत सिंह को मामले में आरोपी बनाया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से छापेमारी की जा रही है।
डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों पर जांच आगे बढ़ी
पुलिस अब मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही फोरेंसिक रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस घटना से पहले की गतिविधियों, जहरीला पदार्थ मिठाई में कैसे पहुंचा और इस पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका थी, इसकी कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष फोरेंसिक रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगा।
