संकल्प, साहस और फिटनेस की मिसाल पेश करते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के अधिकारी मोहित मलिक ने दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट अकोंकागुआ को सफलतापूर्वक फतह कर लिया है।
अर्जेंटीना स्थित 22,840 फीट ऊंचा यह पर्वत एशिया के बाहर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माना जाता है। चुनौतीपूर्ण मौसम और कठिन परिस्थितियों के बीच शिखर तक पहुँचकर मोहित ने तिरंगे के साथ एसबीआई का झंडा फहराया और बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों को ‘फिट इंडिया, फिट एसबीआई’ का प्रेरक संदेश दिया।
सेक्टर-14, पंचकूला स्थित स्टेट बैंक लर्निंग एंड डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट में कार्यरत मोहित मलिक के लिए यह उपलब्धि उनकी तीसरी महाद्वीपीय चढ़ाई है। इससे पहले वह अफ्रीकी महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो और यूरोपीय महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस पर भी सफल आरोहण कर चुके हैं। उनका लक्ष्य दुनिया के सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगे के साथ एसबीआई का झंडा फहराना है।
मोहित ने पर्वतारोहण की बुनियादी ट्रेनिंग नेहरू इंस्टिट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग, उत्तरकाशी से प्राप्त की, जबकि उन्नत पर्वतारोहण पाठ्यक्रम हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टिट्यूट, दार्जिलिंग से पूरा किया। महाद्वीपीय चोटियों के अलावा उन्होंने लेह की माउंट कांग्यात्से-2, हिमाचल प्रदेश की माउंट युनम और नेपाल की माउंट लोबुचे ईस्ट जैसी कठिन चोटियों पर भी सफल चढ़ाई की है। इन अभियानों के दौरान भी उन्होंने तिरंगे के साथ एसबीआई का झंडा फहराया।
मोहित मलिक का कहना है कि इस पूरे सफर में उन्हें एसबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों का निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन मिला है, जिससे उनका आत्मविश्वास और मजबूत हुआ। उन्होंने बताया कि वह एक व्हाट्सएप समूह के माध्यम से बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रेकिंग और पर्वतारोहण से जुड़ी जानकारियां साझा करते रहते हैं, ताकि उनकी मानसिक और शारीरिक फिटनेस बनी रहे।
मोहित मलिक की यह उपलब्धि न केवल एसबीआई परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह देश के युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो यह साबित करती है कि अनुशासन, नियमित अभ्यास और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर हर ऊंचाई को छुआ जा सकता है।
