परिजनों ने पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार से किया इनकार, मोर्चरी के बाहर धरना; पुलिस बोली- बयान मिलने के बाद होगी कार्रवाई
संगरूर, 26 सितंबर। विधानसभा हलका सुनाम के गांव कनोई में 23 वर्षीय युवक सनमदीप सिंह की जहरीली दवा निगलने से मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने गांव के सरपंच समेत चार लोगों पर युवक को कथित तौर पर बार-बार धमकाने और परेशान करने के आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि इसी दबाव के चलते सनमदीप ने यह कदम उठाया।
घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने सिविल अस्पताल संगरूर की मोर्चरी के बाहर धरना लगा दिया। परिवार ने मांग की कि आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। परिजनों ने स्पष्ट किया कि जब तक पुलिस कार्रवाई नहीं करती, तब तक न तो शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा और न ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। देर शाम तक परिवार ने पुलिस को अपने बयान दर्ज नहीं करवाए थे, जिसके कारण धरना जारी रहा।
2019 से चल रहा था परिवार का विवाद
मृतक के पिता परमजीत सिंह और दादा हंसा सिंह ने आरोप लगाया कि सरपंच और उसके परिवार के साथ उनका वर्ष 2019 से विवाद चल रहा था। परिवार के अनुसार, पहले उन्होंने सरपंच के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। इसके बाद उनके खिलाफ भी घर में दाखिल होकर मारपीट करने के आरोप में सनमदीप समेत परिवार के सात सदस्यों पर केस दर्ज किया गया था।
परिजनों का आरोप है कि पिछले कुछ महीनों से उक्त मामला वापस लेने के लिए सनमदीप पर कथित तौर पर दबाव बनाया जा रहा था। परिवार ने मई महीने में भी धमकाने और सनमदीप का मोबाइल फोन छीनने संबंधी शिकायत थाना सदर संगरूर में देने का दावा किया है।
परिजनों ने चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई मांगी
मृतक के मामा संदीप सिंह निवासी धनौला सहित परिवार ने गांव के सरपंच दीप सिंह उर्फ बावा, उसके भाई गुरिंदर सिंह गोगा, पूर्व पंच हरबंस सिंह और उसकी पत्नी परमजीत कौर के खिलाफ सनमदीप को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में मामला दर्ज करने की मांग की है।
मामले की जानकारी मिलने पर गांव शेरों के मोहनजीत सिंह शेरों, भाजपा जिला प्रधान-2 दामन बाजवा, अकाली दल (बादल) के जिला प्रधान तेजिंदर सिंह संघरेड़ी सहित अन्य लोग भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग की।
डीएसपी बोले- बयान मिलने के बाद होगी कार्रवाई
डीएसपी संगरूर दलवीर सिंह ने कहा कि मृतक के परिवार की ओर से सरपंच और अन्य लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल परिवार के पास आरोपों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि देर शाम तक परिवार ने अपने बयान दर्ज नहीं करवाए थे। परिवार के बयान दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच करेगी और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गांव के लोगों ने सरपंच का किया बचाव
दूसरी ओर, गांव के कुछ लोगों ने सरपंच का समर्थन करते हुए कहा कि सनमदीप की मौत से सरपंच का कोई संबंध नहीं है। ग्रामीणों ने दावा किया कि युवक नशे का आदी था और उसका एक विवाहिता महिला के साथ कथित प्रेम संबंध था, जिसका महिला के परिवार और स्वयं सनमदीप के परिवार की ओर से विरोध किया जा रहा था।
ग्रामीणों के अनुसार, इससे पहले भी सनमदीप ने रेल पटरी पर लेटकर आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन लोगों ने उसे बचा लिया था। ग्रामीणों का कहना है कि बाद में उसने जहरीली दवा निगल ली, जिससे उसकी मौत हो गई।
फिलहाल पुलिस जांच और परिवार के बयान के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
