चंडीगढ़: पंजाब के युवाओं को उनकी योग्यता और प्रशिक्षण के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘हुनर पंजाब’ पोर्टल लॉन्च किया। इसके साथ ही फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल पर फिस्कल इंसेंटिव मॉड्यूल की भी शुरुआत की गई।
लॉन्च के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस पूरी डिजिटल पहल के तहत कुल चार मॉड्यूल तैयार किए जा रहे हैं। इनमें से दो मॉड्यूल बुधवार को लॉन्च किए गए हैं, जबकि बाकी दो मॉड्यूल बाद में शुरू किए जाएंगे।
1750 प्रशिक्षण संस्थान एक मंच पर
‘हुनर पंजाब’ पोर्टल के तहत प्रदेश के करीब 1750 प्रशिक्षण संस्थानों को एक मंच पर जोड़ा गया है। इनमें आईटीआई, पॉलीटेक्निक, मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय शामिल हैं। पोर्टल का उद्देश्य उद्योगों की जरूरत और युवाओं के कौशल के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना है।
इस पोर्टल के माध्यम से उद्योगों को एक ही स्थान पर यह जानकारी मिल सकेगी कि पंजाब के विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों में कौन-कौन से कोर्स चल रहे हैं और उनमें कितने विद्यार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं। कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार संबंधित संस्थानों से संपर्क कर प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा सकेंगी।
उद्योग सीधे भेज सकेंगे मैनपावर की मांग
अधिकारियों के अनुसार उद्योग अपने लॉगइन के माध्यम से पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों और विद्यार्थियों से संबंधित जानकारी देख सकेंगे। इसके बाद कंपनियां अपनी जरूरत के मुताबिक संबंधित संस्थान को मैनपावर की मांग भेज सकेंगी।
वहीं प्रशिक्षण संस्थान भी अपने यहां प्रशिक्षित विद्यार्थियों को उपलब्ध रोजगार अवसरों से जोड़ सकेंगे। इससे उद्योगों को प्रशिक्षित मैनपावर और युवाओं को उनकी स्किल के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा।
निवेशकों को इंसेंटिव की जानकारी एक जगह
अधिकारियों ने बताया कि उद्योगों की ओर से मुख्य रूप से दो जरूरतें सामने आती हैं—पहली प्रशिक्षित मैनपावर की उपलब्धता और दूसरी निवेशकों को मिलने वाले वित्तीय प्रोत्साहनों की जानकारी।
इसी के तहत फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल पर शुरू किया गया फिस्कल इंसेंटिव मॉड्यूल निवेशकों के लिए पासबुक की तरह काम करेगा। इसमें निवेशकों को एक ही स्थान पर उपलब्ध वित्तीय प्रोत्साहनों और पहले हासिल किए जा चुके इंसेंटिव की जानकारी मिल सकेगी। इससे इंसेंटिव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
1.89 लाख करोड़ का निवेश, 6.31 लाख रोजगार का दावा
अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2022 से अब तक पंजाब में करीब 1.89 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिससे 6.31 लाख रोजगार पैदा हुए हैं।
वर्ष 2025-26 के दौरान करीब 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश और लगभग 2600 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। अधिकारियों के अनुसार इनमें से करीब 1.09 लाख करोड़ रुपये का वास्तविक निवेश जमीन पर हो चुका है, जबकि तीन लाख 80 हजार से अधिक रोजगार भी पैदा हुए हैं।
चार मॉड्यूल वाली इस डिजिटल पहल में फिलहाल दो मॉड्यूल लॉन्च किए गए हैं। बाकी दो मॉड्यूल बाद में शुरू किए जाएंगे। इसके बाद उद्योगों, प्रशिक्षण संस्थानों, युवाओं और निवेशकों को एक व्यापक डिजिटल मंच से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
