राज्यपाल ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मेलन में लिया भाग : उच्च शिक्षा का विस्तार और इसकी गुणवत्ता में सुधार से आर्थिक विकास को मिलेगा प्रोत्साहन – शिव प्रताप शुक्ल

by

एएम नाथ। नई दिल्ली/ शिमला :  राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में आयोजित राज्यपालों के सम्मेलन में विश्वविद्यालयों को अपनी कार्यशैली में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने पर बल दिया।
वह नई सम्मेलन में ‘शिक्षा में सुधार और मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय’ विषय पर संबोधन दे रहे थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सम्मेलन का शुभारंभ किया। सम्मेलन में केंद्र और राज्यों के संबंधों, आम आदमी तक जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच समेत कई मुद्दों पर विचार रखे। उप-राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने भी शुभारंभ सत्र को संबोधित किया।
शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि उच्च शिक्षा का विस्तार और इसकी गुणवत्ता में सुधार से आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर मूल्यांकन, तकनीकी प्रगति और समस्याओं के समाधान के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। उन्होंने कहा कि देश का जनसांख्यिकीय वर्गीकरण विकास में और ज्यादा योगदान देगा जब शिक्षा तंत्र और पढ़ाने के तरीकों में उचित बदलाव किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए लगभग हर सैद्धांतिक पहलू के साथ कुछ व्यावहारिक कार्य भी होना चाहिए और यह उन शिक्षाविदों द्वारा किया जा सकता है, जो शिक्षार्थी के मनोविज्ञान और सीखने की आवश्यकता से भली-भांति वाकिफ हैं।
राज्यपाल ने उच्च शिक्षा को सामाजिक रूप से प्रासंगिक बनाने के लिए सामाजिक आवश्यकताओं के साथ महत्वपूर्ण जुड़ाव पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आम लोगों को विकास और बेहतर संचार के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले के समय काउंसलिंग की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन और परीक्षा के तरीकों में बदलाव किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों का निरंतर आकलन किया जा सके।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क की व्यवस्था के तहत रैंकिंग के लिए संसाधन आवंटन, शोध और हितधारकों की धारणा आदि जैसे मापदंडों को ध्यान में रखा गया है। सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय रैंकिंग फ्रेमवर्क में भाग नहीं ले रहे हैं, जबकि यह अनिवार्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन उच्च शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग कम है, उन्हें भी किसी न किसी व्यवस्था के माध्यम से सहायता प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों को संख्याबल की बजाय गुणात्मक शिक्षा पर ध्यान देने की सलाह दी।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

घर में 5 शव मिले, फैली सनसनी : मृतकों में तीन बच्चे भी शामिल

कोच्चि  :  शहर के वदुथला इलाके में एक किराए के मकान से तीन मासूम बच्चों समेत पांच लोगों के शव मिलने से सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में यह मामला हत्या के बाद आत्महत्या...
article-image
हिमाचल प्रदेश

सूखे की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे अधिकारी : राघव शर्मा

ऊना : उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने आज सूखे की स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न विभागों के साथ समीक्षा बैठक का आयोजन किया। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि गर्मियों में सामान्य से...
article-image
समाचार , हिमाचल प्रदेश

पारंपरिक गद्दी वेशभूषा चोला-डोला पहनकर मुख्य सचेतक पठानिया ने किया लोक नृत्य : उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने ज़िला स्तरीय छतराड़ी जात्र मेले में भाग लिया 

क्षेत्र की पारंपरिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का समावेश  है ऐतिहासिक छतराड़ी जातर मेला एएम नाथ। चंबा : हिमाचल प्रदेश विधानसभा में उप मुख्य  सचेतक  केवल सिंह पठानिया ने आज माँ शिव-शक्ति  के छतराड़ी स्थित...
article-image
समाचार , हिमाचल प्रदेश

सौ झुग्गियां सहित लाखो का समान जल कर राख, आग हादसे का डीसी राघव शर्मा ने किया निरीक्षण

ऊना :  बाथू में प्रवासी मजदूरों की झुंगियो में अचानक आग लगने से कुछ ही समय मे एक सौ से ज्यादा झुंगिया में फैल गेई और देखते ही देखते एक सौ से ज्यादा झुंगिया...
Translate »
error: Content is protected !!