राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार : योग्य बहादुर बच्चे 5 अक्टूबर तक करे आवेदन: डिप्टी कमिश्नर

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भारतीय बाल कल्याण परिषद की ओर से 6 वर्ष से 18 वर्ष की आयु के बहादुर बच्चों के लिए मांगे गए हैं आवेदन
आवेदन पत्र आई.सी.सी.डब्ल्यू. की वेबासाइट से किया जा सकता है डाउनलोड
होशियारपुर, 15 जून: डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने ने बताया कि भारतीय बाल कल्याण परिषद की ओर से राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए बहादुर बच्चों से आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 5 अक्टूबर निर्धारित निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि पुरस्कार पाने वाले बच्चों की आयु 6 वर्ष से 18 वर्ष के बीच होनी चाहिए व उनके द्वारा बहादुरी का कार्य एक जुलाई 2022 से 30 सितंबर 2023 तक किया हुआ हो। उन्होंने विभिन्न संस्थानों से अपील की कि वे निर्धारित तिथि तक आवेदन भारतीय बाल कल्याण परिषद की ओर से निर्धारित नियमों सहित भेजना यकीनी बनाए। उन्होंने बताया कि भारतीय बाल कल्याण परिषद ने ऐसे बच्चों को सम्मानित करने का निर्णय किया है, जिन्होंने जोखिम परिस्थितियों में बहादुरी का कार्य किया हो। उन्होंने बताया कि परिषद की ओर से देश भर मेंं ऐसे 25 बच्चों को यह पुरस्कार दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आवेदन पत्र आई.सी.सी.डब्ल्यू. की वेबासाइट से डाउनलोड किया जा सकता है।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि यह पुरस्कार सामाजिक बुराईयों और अन्य अपराधों का सामना करने के लिए स्वंय के जीवन को जोखिम में डालकर दूसरों के जीवन को बचाने के लिए किए गए साहस और बहादुरी के कार्यों के लिए दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस दौरान स्वर्ण और रजत पदक व प्रमाण पत्र के अलावा विजेताओं को नकद पुरस्कार भी मिलेगा। इसमें कुल 25 पुरस्कार दिए जाते हैं, जिनमें भारत अवार्ड के लिए 1 लाख रुपए, ध्रुव, मार्कंडेय, श्रवण, प्रहलाद, एकलव्य और अभिमन्यु अवार्ड के साथ 75 हजार रुपए व 40 हजार रुपए के सामान्य पुरस्कार शामिल है। उन्होंने बताया कि पदक और पुरस्कार के अलावा योग्य बच्चों को स्कूली शिक्षा के लिए वित्तिय खर्च और आगे की ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री व व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए वित्तिय सहायता दी जाती है। उन्होंने बताया कि साहसी बच्चों को दिल्ली में एक समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
कोमल मित्तल ने बताया कि आवेदन करने वाले प्रार्थियों के लिए स्कूल के प्रमुख, हैडमास्टर, जिला परिषद, पंचायत के प्रमुख, डिप्टी कमिश्नर या इसके समकक्ष ओहदा, जिला पुलिस प्रमुख या इसके समकक्ष ओहदा, राज्य बाल कल्याण परिषद के अध्यक्ष या महासचिव की अनुशंसा होना जरुरी है। इसके अलावा अनुशंसा करने वाले अधिकारी या प्रमुख की ओर से आवेदक के पूर्ण विवरण की 250 शब्दों में विस्तृत जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आवेदक के लिए निर्धारित प्रोफार्मा में जन्मतिथि, वीरता को लेकर प्रकाशित समाचार पत्रों या मैगजीन की क्लिपिंग, एफ.आई.आर. आदि का विवरण भी देना अनिवार्य है।

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