राहत: मनेरगा के तहत कांगड़ा जिला में 57 करोड़ के कार्यों की स्वीकृति, जिला की 506 पंचायतों ने 4194 कार्यों के लिए भेजी थी सूची: डीसी डा निपुण जिंदल

by
बारिश के कारण ग्रामीण स्तर पर क्षतिग्रस्त ढांचों का होगा पुनरूद्वार, रेन डैमेज के 45 सूचीबद्व कार्यों के लिए सरकार ने जारी किए थे आदेश
धर्मशाला, 6 अगस्त। कांगड़ा जिले में आपदा प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत 45 सूचीबद्व पुनरुद्धार कार्यों के लिए 57 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। यह जानकारी उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने देते हुए बताया कि मानसून सीजन में भारी बारिश के कारण आपदा आने पर सरकार ने पंचायतों-गांवों में अधिक से अधिक पुनरुद्धार कार्य मनरेगा के तहत करने के निर्देश दिए गए थे ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को पुनः विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला की 15 विकास खंडों की 506 पंचायतों से आपदा से प्रभावित 4194 कार्यों की सूची भेजी गई थी जिसे स्वीकृति प्रदान की गई है।
ग्रामीण स्तर पर पुनरूद्वार कार्यों के लिए तत्परता से करें कार्य
उन्होंने कहा कि आपदा से जुड़े मनरेगा कार्यों के लिए ग्राम सभा के प्रस्ताव की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए खंड विकास अधिकारी कार्यालय में सीधे आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला में आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में राहत तथा पुनर्वास के लिए तत्परता के साथ कार्य किया जा रहा है तथा सभी विकास खंड अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ग्रामीण स्तर पर पुनरूद्वार कार्यों के लिए पंचायत स्तर पर सभी को जागरूक करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभांवित किया जा सके।उन्होंने कहा कि डीआरडीए के परियोजना अधिकारी को निर्देश दिए कि वे हर 15 दिन में मनरेगा में पुनरुद्धार कार्यों को लेकर समीक्षा करें। मनरेगा मस्टरोल, सामान खरीद जैसी व्यवहारिक समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करें।
पीडब्ल्यूडी, कृषि, जलशक्ति, विद्युत विभाग में 287 करोड़ का नुक्सान
कांगड़ा जिला में भारी बारिश से लोक निर्माण विभाग को 83 करोड़ जिसमें 397 मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं। जलशक्ति विभाग को 146 करोड़ इसमें 571 पेयजल योजनाएं बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई हैं। विद्युत विभाग को 16 करोड़ तथा कृषि विभाग को 34 करोड़ का नुक्सान हुआ है। कृषि विभाग के तहत इंदौरा तथा फतेहपुर में किसानों को सबसे ज्यादा नुक्सान हुआ है, शिक्षा विभाग को आठ करोड़ के करीब नुक्सान का आकलन किया गया है।
ग्रामीण स्तर पर तैयार किए जाएंगे आपदा मित्र
डीसी ने कहा कि आपदा से बचाव के लिए ग्रामीण स्तर पर आपदा प्रबंधन कमेटियां गठित की जा रही हैं तथा इस दिशा में महिला मंडलों, पंचायत प्रतिनिधियों, युवक मंडलों को आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि आपदा के समय राहत तथा पुनर्वास के कार्यों को त्वरित प्रभाव से आरंभ किया जा सके और नुक्सान को भी कम करने में मदद मिल सके।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

रोगी कल्याण समिति के माध्यम से हो लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध: कमलेश ठाकुर

आरकेएस के तहत देहरा अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च होंगे 57 लाख 6 हजार 740 रुपए का अनुमानित बजट पेश। राकेश शर्मा : देहरा/तलवाड़ा । नागरिक अस्पताल देहरा में आज बृहस्पतिवार को स्थानीय...
article-image
हिमाचल प्रदेश

सलोह में ट्रिपल आईटी कैंपस 128 करोड़ से बनकर तैयार, जल्द होगा शुभारंभः प्रो. राम कुमार

कैंपस में 750 विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई के साथ-साथ रहने की सुविधा होगी उपलब्ध ऊना, 20 दिसंबरः हरोली विस क्षेत्र के तहत सलोह में भारतीय सूचना प्रौद्योगिक संस्थान (ट्रिपल आईटी) का नया कैंपल लगभग...
article-image
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

यूपी की सास ने लुटा हिमाचली दामाद : डॉलर, कैश और BMW कार भी ले गई, पुलिस ने सास के खिलाफ कर लिया केस दर्ज

एएम नाथ : चंडीगढ़  :   हिमाचल प्रदेश के रहने वाले एक युवक ने अपनी ही सास पर फ्लैट में लूटपाट के आरोप लगाए हैं।  युवक ने चंडीगढ़ पुलिस  को शिकायत दी और घर से...
article-image
हिमाचल प्रदेश

चम्बा में ई-कार्ट सेवा की शुरुआत, विधानसभा अध्यक्ष ने दिखाई हरी झंडी : पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधा को बढ़ावा देने की दिशा में अहम पहल

युवाओं को रोजगार और शहर को स्वच्छ बनाने में सहायक होगी ई-सेवा एएम नाथ। चम्बा :  हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने आज नगर परिषद चम्बा द्वारा शुरू की गई ई-कार्ट सेवा...
Translate »
error: Content is protected !!